बिहार: गया में पूर्व सांसद रंजीत सिंह के घर पर रेड, ड्रग विभाग और पुलिस छापेमारी से हड़कंप, भारी मात्रा में नकली दवाएं बरामद

बिहार के गया में पूर्व सांसद रंजीत सिंह के घर पर ड्रग विभाग और पुलिस की छापेमारी से हड़कंप मच गया है। गया शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित न्यू एरिया पिपरपांती मोहल्ले में सोमवार को ड्रग विभाग और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी छापेमारी शुरू की।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : May 25, 2026, 11:45:00 AM

बिहार के गया में पूर्व सांसद रंजीत सिंह के घर पर ड्रग विभाग और पुलिस की छापेमारी से हड़कंप मच गया है। गया शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित न्यू एरिया पिपरपांती मोहल्ले में सोमवार को ड्रग विभाग और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी छापेमारी शुरू की। सुबह से जारी इस कार्रवाई में भारी मात्रा में नकली दवाओं के बरामद होने की चर्चा है। पूर्व सांसद रंजीत सिंह के जिस घर पर छापेमारी हुई है, वहां किराए पर पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग का कार्यालय चल रहा है। रंजीत सिंह झारखंड के चतरा जिले से 1980 में कांग्रेस के लोकसभा सांसद थे, और तीन साल पहले उनका निधन हो गया।

बताया जा रहा है कि ड्रग इंस्पेक्टर के नेतृत्व में ड्रग विभाग, कोतवाली थाना पुलिस और अन्य विभागीय अधिकारियों की टीम भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने परिसर को घेरकर जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान भवन के कई कमरों और गोदामनुमा हिस्सों की तलाशी ली गई। छापेमारी के दौरान कई कार्टून, रैपर, दवा पैकिंग सामग्री और संदिग्ध दवाएं बरामद की गई हैं। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि यहां किस स्तर पर नकली दवाओं का निर्माण या पैकेजिंग का कार्य किया जा रहा था तथा इन दवाओं की सप्लाई किन जिलों या राज्यों तक की जाती थी।

छापेमारी के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अचानक हुई इस कार्रवाई से पिपरपांती मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल है। बताया जा रहा है कि ड्रग विभाग को लंबे समय से यहां अवैध दवा कारोबार की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई। इस संबंध में सहायक औषधि नियंत्रक विजय कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर शहर के पीपर पाती मोहल्ले में छापेमारी की गई है। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नशीली दवाइयां बरामद की गई है। उन्होंने बताया कि छापेमारी पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी दी जा सकेगी।

मिली जानकारी के अनुसार जांच टीम को परिसर से भारी मात्रा में संदिग्ध और कथित रूप से नकली दवाएं मिली हैं। हालांकि देर शाम तक अधिकारियों की ओर से बरामद दवाओं की आधिकारिक संख्या, कीमत या किस प्रकार की दवाएं जब्त की गई हैं, इसकी पुष्टि की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी दी जा सकेगी। फिलहाल पूरे मामले में ड्रग विभाग की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद दवाओं के नमूनों को जांच के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दवाएं नकली थीं या मानकों के अनुरूप नहीं थीं। मामले में आगे कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। 

स्थानीय लोगों का कहना है कि परिसर में लंबे समय से गतिविधियां चल रही थीं, लेकिन अंदर क्या काम होता था इसकी स्पष्ट जानकारी किसी को नहीं थी। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए परिसर के बाहर बैरिकेडिंग भी की। अधिकारियों ने मीडिया को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी और जांच पूरी होने तक कुछ भी स्पष्ट बताने से परहेज किया। इस पूरे मामले में पूर्व सांसद का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है।