सारण : सारण जिले के विभिन्न प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देशानुसार जिले में बाढ़ प्रभावित लोगों को त्वरित राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार निगरानी रखते हुए आवश्यकतानुसार राहत एवं बचाव संसाधनों की तैनाती एवं उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
सारण में पूर्व से NDRF की 5 व SDRF की 3 टीम तैनात है
बाढ़ का पानी नए क्षेत्रों में प्रवेश करने के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्यों को और गति प्रदान करने के लिए अतिरिक्त एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें सारण भेजी जा रही हैं। सारण में पूर्व से एनडीआरएफ की पांच और एसडीआरएफ की तीन टीम तैनात है। राहत एवं बचाव कार्यों को और सुदृढ़ करने के लिए बेतिया एनडीआरएफ (3 टीम), गोपालगंज (2 टीम), भागलपुर (2 टीम) और सुपौल से एक अतिरिक्त टीम सारण भेजी जा रही है। इसके अतिरिक्त मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर एवं पूर्वी चंपारण से एसडीआरएफ की चार टीमें सारण भेजी जा रही हैं। इस प्रकार सारण जिले में एनडीआरएफ की कुल 12 टीम और एसडीआरएफ की कुल सात टीम, अर्थात कुल 19 टीम, व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
पर्याप्त संसाधनों के साथ राहत एवं बचाव कार्य
एनडीआरएफ की प्रत्येक टीम में 30 प्रशिक्षित मानवबल के साथ पांच बोट, 30 लाइफबॉय, 40 लाइफ जैकेट, दो डीप डाइव सेट व राहत एवं बचाव कार्य से संबंधित अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं। इन संसाधनों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने व आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा सारण में राहत एवं बचाव कार्य में लगी एनडीआरएफ की 12 टीमों में कुल 360 प्रशिक्षित मानवबल तैनात हैं। इन टीमों के पास 50 से अधिक नाव, 480 लाइफ जैकेट व 360 लाइफबॉय उपलब्ध हैं। एसडीआरएफ की तैनात की जा रही टीमों में भी पर्याप्त मानवबल एवं बोट उपलब्ध हैं। आज भेजे जा रहे दरभंगा एसडीआरएफ टीम में 20 मानवबल एवं चार बोट, मधुबनी टीम में 20 मानवबल एवं छह बोट, समस्तीपुर टीम में 19 मानवबल एवं छह बोट व पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) की टीम में 18 मानवबल एवं छह बोट शामिल हैं। इस प्रकार, एसडीआरएफ की टीमों के कुल 140 से अधिक प्रशिक्षित मानवबल व 36 से अधिक बोट राहत एवं बचाव कार्य में तैनात हैं।
एयर ड्रॉप के माध्यम से भी पहुंचाई जा रही राहत सामग्री
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वायुसेना के हेलिकॉप्टर के माध्यम से अबतक तीन हजार से अधिक राशन पैकेट एयर ड्रॉप किए जा चुके हैं। शाम तक पांच हजार से अधिक राशन पैकेट एयर ड्रॉप किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त अन्य जिलों से भी सारण के लिए बड़ी मात्रा में राशन पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पटना से 10 हजार, सिवान से 15 हजार, भोजपुर से पांच हजार, बक्सर से पांच और वैशाली से पांच हजार राशन पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस प्रकार विभिन्न जिलों से कुल 40 हजार राशन पैकेट सारण भेजे जा रहे हैं।
75,000 पॉलिथीन शीट भी उपलब्ध कराई जा रही
बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न जिलों से कुल 75,000 पॉलिथीन शीट सारण भेजी जा रही हैं। इनमें दरभंगा से 25 हजार, मधुबनी से 20 हजार, सीतामढ़ी से 15 हजार और समस्तीपुर से 15 हजार पॉलिथीन शीट शामिल हैं। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री के वितरण, बचाव कार्यों और आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता की लगातार निगरानी की जा रही है। बाढ़ की स्थिति एवं आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों की तैनाती व राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री कि निर्देशानुसार, आपदा प्रबंधन विभाग आपदा पीड़ितों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने हेतु दृढ़ संकल्पित व प्रतिबद्ध है। किसी भी आपातकालीन स्थिति मे राज्य के आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के टोल फ्री नंबर 1070 पर सम्पर्क करें।