बेतिया : पूर्वी चंपारण के अरेराज, संग्रामपुर और केसरिया प्रखंड में बाढ़ का पानी अब उतर चुका है। पानी कम होने के बाद लोग धीरे-धीरे अपने घरों को लौट रहे हैं, लेकिन बाढ़ अपने पीछे तबाही के निशान छोड़ गई है। घरों में रखा अनाज और कपड़े पानी में भीगकर खराब हो गए हैं, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने अब एक नई मुश्किल खड़ी हो गई है। वहीं लोग मवेशियों को लेकर अपने घर लौट रहे हैं। पानी उतरने के बाद अब गंदगी और जलजमाव के कारण स्किन डिजीज समेत कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। हालांकि, जिला प्रशासन की मेडिकल टीमें अभी भी प्रभावित इलाकों में मौजूद हैं।
कई इलाकों में संक्रमण और महामारी के खतरे को देखते हुए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कराया जा रहा है
लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है और जरूरत के मुताबिक, दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं कई इलाकों में संक्रमण और महामारी के खतरे को देखते हुए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कराया जा रहा है। बाढ़ ने किसानों को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। खेतों में लगी धान और ईख की फसल पानी में डूबने से बर्बाद हो गई है। अब बाढ़ प्रभावित लोग सरकार और प्रशासन से फसल क्षति का जल्द आकलन कर मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। प्रभावित लोगों का कहना है कि दशहरा, दीपावली और छठ जैसे पर्व सामने हैं। ऐसे में अगर समय रहते आर्थिक मदद मिल जाए, तो वे अपने परिवार और घर-गृहस्थी को दोबारा संभाल सकेंगे।
बेतिया से प्रकाश कुमार की रिपोर्ट