अवैध नर्सिंग होम और जांच केंद्रों पर स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी, संचालकों में हड़कंप

सिविल सर्जन बेतिया के निर्देश पर बुधवार को बगहा-1 क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम और जांच केंद्रों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच अभियान चलाया।

बगहा: सिविल सर्जन बेतिया के निर्देश पर बुधवार को बगहा-1 क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम और जांच केंद्रों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच अभियान चलाया। टीम ने विभिन्न संस्थानों में पहुंचकर पंजीकरण, लाइसेंस, आवश्यक दस्तावेज और संचालन से संबंधित कागजात की जांच की। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई संचालकों में हड़कंप मच गया। कुछ संचालक अपने सेंटर में ताला लगाकर मौके से फरार हो गए।

अभियान के दौरान अब तक करीब आधा दर्जन जांच केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है। टीम ने संचालकों से संस्थान संचालन से संबंधित दस्तावेज मांगे और उनकी वैधता की जांच शुरू की। जांच टीम में शामिल पतिलार स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. आशु कुमार ने बताया कि बगहा-1 क्षेत्र में संचालित सभी नर्सिंग होम और जांच घरों की जांच की जा रही है। नियमों के विपरीत अथवा बिना वैध पंजीकरण के संचालित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि खुशी डायग्नोस्टिक सेंटर के दस्तावेज जांच में सही पाए गए हैं। वहीं जीवन ज्योति, मन्नत हॉस्पिटल, आयुष्मान हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर और आरोग्य जांच घर के दस्तावेज प्राप्त हुए हैं, जिनकी फिलहाल जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के पहले ही अपोलो हास्पीटल का ताला बंद कर कर्मी फरार हो गए थे इसके साथ ही दो पैथोलॉजी लैब भी बंद पाये गये आगामी दिनों में फिर जांच किये गये।

डॉ. भूषण कुमार ने बताया कि जांच टीम में उनके अलावा दो अन्य स्वास्थ्यकर्मी और नगर थाना बगहा की पुलिस शामिल है। उन्होंने कहा कि अभियान केवल बगहा-1 तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में भी लगातार विभिन्न नर्सिंग होम और जांच केंद्रों का निरीक्षण किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य मरीजों को अवैध स्वास्थ्य संस्थानों और झोलाछाप चिकित्सकों से बचाना है। अधिकारियों ने कहा कि जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थान को सील करने के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बगहा से परवेज आलम की रिपोर्ट