बड़ी ख़बर बगहा से आ रही है, जहां सीरियल किलर को उम्रकैद की सजा हुईं है। वहीं एक लाख रूपये का अतिरिक्त जुर्माना भी देने का कोर्ट नें आदेश पारित किया है। दरअसल उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित धनहा में सीरियल किलर द्वारा झलारी देवी और पहवारी यादव के डबल मर्डर के लिए पहले से ही उम्रकैद की सज़ा काट रहे सकलदेव यादव को मंगलवार को एक किसान की हत्या के लिए फिर से दुबारा उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई।
बगहा के ADJ 4 मानवेंद्र मिश्रा की कोर्ट ने धनहा थाना कांड संख्या 105/2023 के सिलसिले में सकलदेव यादव पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर छह महीने की और अधिक सज़ा भुगतना होगा। कोर्ट ने आदेश दिया है कि जुर्माना भरने पर यह रकम पीड़ित के परिवार वालों को दी जाएगी।
इस मामले में सीविल कोर्ट बगहा के APP जितेंद्र भारती ने बताया कि यह मामला लक्ष्मी यादव की हत्या से जुड़ा है। प्रॉसिक्यूशन के मुताबिक, सकलदेव ने रात में लक्ष्मी के सिर पर धारदार हथियार से हमला किया। लिहाजा लक्ष्मी को गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
कोर्ट ने चश्मदीदों के बयान, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य कई सबूतों की जांच करने के बाद माना है कि लक्ष्मी के सिर में गंभीर चोट लगी थी और चोट से होने वाली दिक्कतों और इंट्राक्रेनियल ब्लीडिंग की वजह से उसकी मौत हो गई। हालांकि आरोपी का नाम शुरू में FIR में नहीं था और इसे दर्ज करने में करीब 10 दिन की देरी हुई थी, लेकिन कोर्ट ने माना कि इन अंतरों से प्रॉसिक्यूशन का केस कमजोर नहीं होता।
सबूतों से बिना किसी शक के जानलेवा हमले में सकलदेव का शामिल होना साबित हुआ। बताया जा रहा है की सजा सुनाए जाने की सुनवाई के दौरान, प्रॉसिक्यूशन ने सकलदेव यादव के क्रिमिनल रिकॉर्ड के बारे में बताया है जिसमें धनहा थाना की सीमा में हत्या और हत्या की कोशिश से जुड़े कई गंभीर मामले शामिल हैं।
बता दें की सीरियल किलर सकलदेव यादव को इससे पहले 4 अगस्त, 2025 को इसी कोर्ट ने धनहा थाना कांड संख्या 111/23 में झलारी देवी और पहवारी यादव के डबल मर्डर के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सुनवाई के दौरान, प्रॉसिक्यूशन ने उसे आदतन अपराधी और “सीरियल किलर” बताया, और दावा किया कि वह समाज के लिए खतरा था और उसे ज़्यादा से ज़्यादा सज़ा मिलनी चाहिए।
बचाव पक्ष ने नरमी की मांग करते हुए कहा कि उसे अपने परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य बताया हालांकि कोर्ट ने उसके क्रिमिनल रिकॉर्ड और डबल मर्डर केस में पहले मिली उम्रकैद की सज़ा को ध्यान में रखा। लिहाजा सज़ा सुनाते वक़्त कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का ज़िक्र किया और कहा कि घिनौने मर्डर के मामलों में, आरोपी के साथ बेवजह हमदर्दी नहीं दिखानी चाहिए। इसने समाज की रक्षा और क्राइम को रोकने के लिए सही सज़ा की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।
ADJ 4 बगहा कोर्ट ने मर्डरर सकलदेव यादव को इंडियन पीनल कोड के सेक्शन 302 के तहत दोषी ठहराया और 1 लाख रुपये के जुर्माने के साथ सख़्त उम्रकैद की सज़ा सुनाई। ये सज़ाएं एक साथ चलेंगी, और कस्टडी में पहले बिताई गई अवधि को सज़ा में सेट ऑफ़ कर दिया जाएगा।
बगहा से परवेज आलम की रिपोर्ट