अपने हाथों से तोड़ रहे अपना आशियाना, बिहार में पक्का मकान क्यों तोड़ रहे लोग?

पश्चिम चम्पारण के योगापट्टी प्रखंड के सिसवा मंगलपुर पंचायत के सिसवा गांव में भीषण कटाव को देखते हुए स्थानीय ग्रामीण अपना आशियाना तोड़ने को मजबूर हो गए।

पश्चिम चम्पारण के योगापट्टी प्रखंड के सिसवा मंगलपुर पंचायत के सिसवा गांव में भीषण कटाव को देखते हुए स्थानीय ग्रामीण अपना आशियाना तोड़ने को मजबूर हो गए। जो कल पक्का मकान का गंडक नदी में जलस्तर में गिरने का लाइव विडियो सामने आया था। जल विभाग के अधिकारियों ने सिसवा मंगलपुर का निरीक्षण किया गया है। मौके पर कार्यपालक अभियंता सहायक अभियंता,कनिय अभियान जिसमें दर्जनों की संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। अपना घर रामचंद्र मुखिया, मुख्तार मियां, पारस पटेल,हासन मियां, बबन मियां, मंगल पटेल, विनोद पटेल, श्रीराम पटेल, बेचू पटेल अपने हाथों आशियाना तोड़ने को लेकर मजबूर हो गए हैं।

योगापट्टी प्रखंड के सिसवा मंगलपुर पंचायत के सिसवा गांव में गंडक नदी के भीषण कटाव से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। नदी लगातार गांव की ओर बढ़ रही है, जिससे कई घर कटाव की जद में आ गए हैं। स्थिति को देखते हुए ग्रामीण अपने हाथों से अपना आशियाना तोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर जाने को मजबूर हो रहे हैं।

बीते दिन सिसवा गांव में गंडक नदी के जलस्तर में एक पक्का मकान के गिरने का लाइव वीडियो सामने आया था। इसके बाद जल विभाग के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मंगलपुर क्षेत्र का निरीक्षण किया। मौके पर कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय अभियंता सहित विभागीय अधिकारियों की टीम पहुंची और कटाव प्रभावित इलाके का जायजा लिया।

कटाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए रामचंद्र मुखिया, मुख्तार मियां, पारस पटेल, हसन मियां, बबन मियां, मंगल पटेल, विनोद पटेल, काशीराम पटेल और बेचू पटेल सहित कई ग्रामीण अपने घरों को खुद तोड़ने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गंडक नदी का कटाव लगातार बढ़ रहा है और अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया गया तो कई और घर नदी में समा सकते हैं। 

वहीं जल विभाग के कनीय अभियंता धीरेंद्र कुमार ने बताया कि क्षेत्र का निरीक्षण किया गया है। गंडक नदी के कुछ हिस्सों में कटाव हो रहा है। विभाग की ओर से ट्री-एस्पल का कार्य कराया जा रहा है, ताकि कटाव को नियंत्रित किया जा सके। ग्रामीणों ने प्रशासन और जल विभाग से कटाव रोकने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कराने तथा प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की मांग की है।

बगहा से परवेज आलम की रिपोर्ट