बेगूसराय: जिले में अपराधियों का मनोबल कितना बढ़ा हुआ है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मेला देखकर घर लौट रहे एक दंपती के साथ मारपीट किए जाने का आरोप सामने आया है। पीड़ित का कहना है कि रास्ते में 10 से 15 लोगों ने उन्हें घेर लिया। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और उनकी पत्नी के साथ अभद्रता की गई। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में 25 से अधिक टांके लगाए गए हैं।
घटना के बाद पीड़ित ने नगर थाना पहुंचकर पुलिस से शिकायत की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मामले ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की रात्रि गश्ती पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बीएम हॉस्पिटल के पास हुई घटना
पीड़ित प्रेम कुमार नवीन, पिता सुधीर राय, ने अपने आवेदन में बताया है कि 22 अक्टूबर 2026 की रात वह अपनी पत्नी के साथ दुर्गा पूजा का मेला देखकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान बीएम हॉस्पिटल के नजदीक कथित तौर पर 10 से 15 लोगों ने उन्हें रोक लिया।
आवेदन के मुताबिक, आरोपियों ने उनकी पत्नी के साथ अभद्रता शुरू कर दी। जब प्रेम कुमार ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई। इस दौरान उनके सिर में गंभीर चोट आई। पीड़ित का कहना है कि चोट इतनी गंभीर थी कि सिर में 25 से अधिक टांके लगाने पड़े।
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान पिस्तौल का भी इस्तेमाल किया गया। हालांकि, हथियार के इस्तेमाल और घटना के अन्य पहलुओं की पुलिस जांच से पुष्टि होना बाकी है।
आखिर कहां थी पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था?
इस घटना को लेकर सबसे बड़ा सवाल पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर उठ रहा है। त्योहार के दौरान शहर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में अगर रात में घर लौट रहे दंपती के साथ इस तरह की घटना होती है, तो पुलिस की गश्ती और अपराधियों पर नियंत्रण को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्थानीय लोगों की सुरक्षा केवल कागजी दावों से सुनिश्चित नहीं हो सकती। जरूरत इस बात की है कि संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाए और ऐसी घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई हो। हालांकि, इस घटना के आधार पर पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले पुलिस का पक्ष और जांच के तथ्य सामने आना जरूरी है।
नगर थाना में शिकायत, कार्रवाई का इंतजार
आवेदन में बेगूसराय नगर थाना कांड संख्या 495/26, दिनांक 22 अक्टूबर 2026 का उल्लेख है। अब पीड़ित को उम्मीद है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच करेगी और घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
फिलहाल, आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया के संबंध में पुष्टि की जरूरत है। शहर वासियों का पुलिस प्रशासन से सवाल..अगर मेला देखकर घर लौट रहे लोग भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? पुलिस प्रशासन को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि पीड़ित को न्याय मिले और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।
बेगूसराय से अजय कुo शास्त्री की रिपोर्ट