कोईलवर, अगिआंव व गड़हनी पीएचसी को मिला सीएचसी का विभागीय दर्जा, 47 पदों के सृजन से बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं

भोजपुर जिले के कोईलवर, अगिआंव और गड़हनी प्रखंड के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से अच्छी खबर है. तीनों प्रखंडों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औपचारिक विभागीय दर्जा मिल गया है.

आरा। भोजपुर जिले के कोईलवर, अगिआंव और गड़हनी प्रखंड के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से अच्छी खबर है. तीनों प्रखंडों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औपचारिक विभागीय दर्जा मिल गया है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से 30 अक्टूबर 2026 को जारी अधिसूचना के तहत राज्य के 135 उत्क्रमित एवं नवनिर्मित स्वास्थ्य संस्थानों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में अधिसूचित किया गया है. इसमें भोजपुर जिले के ये तीनों स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं. इसके साथ ही प्रत्येक सीएचसी के संचालन और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 47 पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गई है.

दो साल पहले ही बनकर तैयार हो गया था भवन

गौरतलब है कि कोईलवर, अगिआंव और गड़हनी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नाम से नए भवन का निर्माण करीब दो साल पहले ही पूरा हो गया था. भवन तैयार होने के बाद से ही स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि यहां सीएचसी के अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने लगेंगी. हालांकि, भवन निर्माण पूरा होने के बावजूद विभागीय स्तर पर इन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औपचारिक दर्जा नहीं मिला था. अब स्वास्थ्य विभाग की अधिसूचना जारी होने के बाद यह प्रक्रिया पूरी हो गई है. इससे इन स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं के विस्तार का रास्ता साफ हुआ है.

विशेषज्ञ चिकित्सकों समेत 47 पद होंगे सृजित

स्वास्थ्य विभाग की अधिसूचना के अनुसार, प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 47 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है. इनमें उपाधीक्षक, जनरल सर्जन, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट, शिशु रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन और मेडिकल ऑफिसर के पद शामिल हैं. इसके अलावा नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, नेत्र सहायक, फिजियोथेरेपिस्ट सहित हड्डी रोग, ईएनटी और नेत्र रोग विशेषज्ञों के पद भी स्वीकृत किए गए हैं. अधिसूचना में प्रत्येक सीएचसी के लिए 30 बेड की व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है.

इलाज के लिए आरा जाने की मजबूरी होगी कम

पीएचसी को सीएचसी का दर्जा मिलने से स्थानीय मरीजों को आने वाले दिनों में काफी राहत मिलने की उम्मीद है. अभी सामान्य इलाज के अलावा विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, जांच और बेहतर उपचार के लिए मरीजों को आरा सदर अस्पताल या अन्य बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता है. सीएचसी के अनुरूप चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती होने के बाद कई तरह की स्वास्थ्य सेवाएं प्रखंड स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी. इससे मरीजों और उनके परिजनों का समय और आर्थिक खर्च दोनों बचेंगे. खासकर गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है.

अब चिकित्सकों की तैनाती और संसाधनों का इंतजार

विभागीय दर्जा मिलने के बाद अब स्थानीय लोगों की निगाहें चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती पर टिकी हैं. इसके साथ ही चिकित्सा उपकरण, पैथोलॉजी जांच, ऑपरेशन थिएटर और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता का इंतजार है. स्वीकृत पदों के अनुरूप नियुक्ति और संसाधनों की व्यवस्था होने के बाद ही मरीजों को सीएचसी की पूरी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा. फिलहाल नए भवन के बाद विभागीय मान्यता मिलने से तीनों प्रखंडों की स्वास्थ्य व्यवस्था को विस्तार मिलने की उम्मीद जगी है.

आरा/कोईलवर से दीपक गुप्ता की रिपोर्ट