आरा जंक्शन पर तेजस राजधानी व पटना-इंदौर के ठहराव की मांग अबतक अधर में, यात्रियों में बढ़ रहा आक्रोश

आरा: भोजपुर की रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की उम्मीद लगाए यात्रियों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है. आरा जंक्शन पर बहुप्रतीक्षित 12309/10 पटना-तेजस राजधानी एक्सप्रेस और 19313/14 व 19321/22 पटना-इंदौर एक्सप्रेस के ठहराव की मांग अबतक पूरी नहीं हुई.

आरा: भोजपुर की रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की उम्मीद लगाए यात्रियों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है. आरा जंक्शन पर बहुप्रतीक्षित 12309/10 पटना-तेजस राजधानी एक्सप्रेस और 19313/14 व 19321/22 पटना-इंदौर एक्सप्रेस के ठहराव की मांग अबतक पूरी नहीं हो सकी है. यात्रियों का कहना है कि दोनों महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव के लिए रेलवे बोर्ड के निर्धारित मापदंडों को पूरा किए जाने के बावजूद मामला दानापुर मंडल, पूर्व मध्य रेल मुख्यालय और रेलवे बोर्ड के बीच पत्राचार तक सीमित है.

आरा जंक्शन पूर्व मध्य रेल के प्रमुख आय देने वाले स्टेशनों में शामिल है. यहां से रेलवे को प्रतिवर्ष करीब 130 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिलने का दावा किया जाता है. इसके बावजूद महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग लंबित रहने से यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है. यात्रियों का तर्क है कि जब यात्री भार, राजस्व और परिचालन संबंधी आवश्यकताओं को लेकर आरा जंक्शन महत्वपूर्ण स्थिति में है, तो ठहराव के प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए.

पटना-इंदौर का इस्लामपुर तक विस्तार, आरा को अबतक इंतजार

पटना जंक्शन को उज्जैन और इंदौर से जोड़ने वाली पटना-इंदौर एक्सप्रेस का विस्तार हाल में स्पेशल ट्रेन के रूप में इस्लामपुर तक किया गया है. रेलवे सूत्रों के अनुसार इसके स्थायी विस्तार की संभावना भी जतायी जा रही है. यात्रियों का कहना है कि इस्लामपुर से डीडीयू रेलखंड के बीच आने वाले कई स्टेशनों को इस ट्रेन की सुविधा मिल रही है, लेकिन आरा जंक्शन को अबतक इसका ठहराव नहीं मिला है.

आरा से फिलहाल इंदौर अथवा उज्जैन के लिए कोई सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं है. ऐसे में यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए पटना या अन्य स्टेशनों का रुख करना पड़ता है. इससे उन्हें अतिरिक्त समय और खर्च वहन करना पड़ता है.

चार राजधानी ट्रेनें गुजरती हैं, फिर भी किसी का ठहराव नहीं

यात्रियों ने पटना-तेजस राजधानी के ठहराव को लेकर भी सवाल उठाये हैं. उनका कहना है कि आरा से होकर चार राजधानी एक्सप्रेस गुजरती हैं, लेकिन किसी का ठहराव यहां नहीं है. वहीं, पिछले वर्ष तेजस राजधानी का दानापुर में नया ठहराव स्वीकृत किया गया, जबकि दानापुर और आरा के बीच की दूरी बहुत अधिक नहीं है. यात्रियों का कहना है कि यदि दानापुर जैसे स्टेशन पर ठहराव संभव है, तो आरा जंक्शन की मांग पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए.

कम राजस्व वाले स्टेशनों पर ठहराव, आरा की मांग लंबित

यात्रियों ने हाल में दिलदारनगर जंक्शन पर जियारत एक्सप्रेस और गहमर में पाटलिपुत्र-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के ठहराव की घोषणा का भी हवाला दिया है. उनका कहना है कि जब दूसरे स्टेशनों पर यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए नये ठहराव स्वीकृत किये जा रहे हैं, तो आरा जैसे महत्वपूर्ण और अधिक राजस्व देने वाले स्टेशन की मांग को लगातार लंबित रखना समझ से परे है.

जनप्रतिनिधियों से भी यात्रियों में नाराजगी

ठहराव की मांग पूरी नहीं होने को लेकर यात्रियों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति भी नाराजगी है. यात्रियों का कहना है कि सांसद सुदामा प्रसाद रेलवे स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य हैं, जबकि स्थानीय सदर विधायक संजय टाइगर राज्य सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल हैं. इसके बावजूद आरा जंक्शन पर दोनों ट्रेनों के ठहराव की मांग अबतक निर्णायक स्तर तक नहीं पहुंच सकी है.

यात्रियों का कहना है कि पटना-इंदौर और राजधानी एक्सप्रेस का ठहराव मिलने से भोजपुर के अलावा पूरे शाहाबाद क्षेत्र के यात्रियों को लाभ होगा. वर्तमान में इन ट्रेनों से यात्रा करने के लिए लोगों को पटना जंक्शन या अन्य स्टेशनों तक जाना पड़ता है. यात्रियों ने रेलवे और जनप्रतिनिधियों से मामले में शीघ्र पहल करते हुए दोनों ट्रेनों का आरा जंक्शन पर ठहराव स्वीकृत कराने की मांग की है. मांग पूरी नहीं होने पर यात्रियों ने चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है.

आरा से दीपक गुप्ता की रिपोर्ट