ममता का आखिरी किला भी ढह गया, फाल्टा में खिला कमल, रिकॉर्ड वोटों से जीती BJP, मैदान छोड़ भागे थे जहांगीर खान

पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए पुन:मतदान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ी जीत मिली है। बीजेपी उम्मीदवार देबांगशु पांडा ने 1,09,021 वोटों के भारी अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : May 24, 2026, 6:32:00 PM

पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए पुन:मतदान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ी जीत मिली है। बीजेपी उम्मीदवार देबांगशु पांडा ने 1,09,021 वोटों के भारी अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। देबांगशु पांडा को कुल 1,49,666 वोट मिले जबकि दूसरे स्थान पर रहे माकपा के शंभू नाथ कुर्मी को 40,645 और कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मुल्ला को महज 10,084 वोट प्राप्त हुए। वहीं ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। उन्हें महज 7783 वोट मिले हैं। हालांकि मतदान से पहले उन्होंने चुनावी मैदान से हटने का एलान किया था। 

फाल्टा विधानसभा में 21 मई को फिर से मतदान कराया गया था और रविवार को इस सीट पर मतगणना हुई। जहांगीर ख़ान ने दोबारा मतदान से सिर्फ़ दो दिन पहले 19 मई को चुनाव से हटने का एलान किया था। हाल ही में हुए राज्य विधानसभा चुनाव में बीजेपी को भारी बहुमत मिला और वह पहली बार राज्य की सत्ता में आई। शुभेंदु अधिकारी बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बने।

फाल्टा में दोबारा हुई वोटिंग की मतगणना में बीजेपी ने करीब 1 लाख वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। यह नतीजा पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है। यह सीट पहले टीएमसी के पास थी। नतीजों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि फिर से वोटों की चोरी की गई। फाल्टा एक विधानसभा सीट है, जो पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में आती है। यह इलाका टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंदर पड़ता है। यानी यह टीएमसी का गढ़ माना जाता था।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा और फाल्टा पुनर्मतदान में भाजपा की जीत पर जनता को बधाई दी। सीएम सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि बदनाम ‘डायमंड हार्बर' मॉडल अब ‘तृणमूल के नुकसान' का मॉडल बन गया है। सबसे पहले और सबसे जरूरी बात, मैं फाल्टा के लोगों—उस दिव्य जनता—के सामने नतमस्तक होकर उन्हें प्रणाम करता हूं, जिन्होंने फल्टा पुनर्मतदान में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार देबांग्शु पांड्या को विधानसभा भेजने के लिए जोरदार जनादेश दिया।

दरअसल, यहां 29 अप्रैल को मूल रूप से मतदान हुआ था, लेकिन उस दौरान ईवीएम में गड़बड़ी और टैंपरिंग के गंभीर आरोप लगे थे। कई बूथों पर ईवीएम मशीनों पर परफ्यूम (इत्र) जैसे पदार्थों और चिपकने वाले टेप के इस्तेमाल की शिकायतें मिली थीं। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए 29 अप्रैल के मतदान को रद्द कर दिया और सभी 285 बूथों पर 21 मई को दोबारा वोटिंग (Repoll) का आदेश दिया। 

बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को हुए थे और चार मई को परिणाम आए थे। इन चुनावों में बीजेपी ने 207 सीटें और टीएमसी ने 80 सीटें जीती थीं। दूसरे चरण के मतदान के दौरान फाल्टा सीट पर भी मतदान हुआ था। हालांकि, चुनाव आयोग ने इस सीट के सभी 285 मतदान केंद्रों पर अनियमितताएं पाईं और उसके बाद 21 मई को दोबारा मतदान की घोषणा की थी।

फाल्टा विधानसभा में किसे कितने वोट मिले

देबांशु पांडा, बीजेपी-149666

शभू नाथ कुर्मी, सीपीआईएम-40645

अब्दुर रज्जाक मोल्ला-10084

जहांगीर खान, टीएमसी-7783