उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलने का ऐलान किया है। अब जलालाबाद को अधिकारिक तौर पर 'भगवान परशुराम पुरी' के नाम से जाना जाएगा। यूपी कैबिनेट की बैठक में सीएम योगी ने शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। अब जलालाबाद का नाम 'परशुरामपुरी' कर दिया गया है। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की मांग के बाद सरकार ने नाम बदलने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में दोनों डिप्टी सीएम और कैबिनेट मंत्रियों की मौजूदगी में कुल 28 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसमें नई नीतियां और कई विश्वविद्यालयों की स्थापना शामिल है।
यह स्थान भगवान परशुराम की जन्मस्थली के नाम से जाना जाता था। अब जलालाबाद को फिर से पुराने अस्तत्व के रूप में जाना जाएगा। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की मांग के बाद सरकार ने नाम बदलने का निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा- शाहजहांपुर जनपद की जलालाबाद नगर का नाम बदलने को लेकर लंबे समय से लोगों की मांग थी। डिप्टी सीएम ने कहा ये भगवान परशुराम की जन्मस्थली है उसका नाम परशुरामपुरी होना चाहिए।
सरकार के अनुसार, इस मांग के संबंध में भारत सरकार ने नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्रान्तर्गत कस्बा/नगर जलालाबाद का नाम परिवर्तित कर परशुरामपुरी किए जाने के प्रस्ताव पर अनापत्ति प्रदान कर दी है। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भी प्रस्ताव को अनुमोदन देते हुए जलालाबाद का नाम आधिकारिक रूप से परशुरामपुरी किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, नगरीय विकास, कृषि और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 28 प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। कैबिनेट बैठक में यूपी में होमगार्ड्स और उनके परिवार के लिए अब 5 लाख रुपए तक की कैशलेस इलाज सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। वहीं पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को भी मंजूरी दी है। यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू होगी। इसमें प्रीमियम का 85% हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि 15% राशि पशुपालकों को देनी होगी।