राजस्थान के जयपुर में 23 साल की युवती आयुषी शर्मा पर मां की सुपारी देकर हत्या करवाने का आरोप है। संपत्ति हड़पने और अनुकंपा पर सरकारी नौकरी पाने केलिए आरोपी एलएलबी छात्रा आयुषी शर्मा ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। वहीं आयुषी शर्मा पर अब अपनी मां नीरज शर्मा से पहले पिता विजय शर्मा की मौत में भी भूमिका होने के आरोप लगे हैं। बेटी मां की सरकारी नौकरी हासिल करना चाहती थी और उसकी प्रॉपर्टी भी अपने नाम कराना चाहती थी। इसीलिए उसने भरतपुर के सुपारी किलर को 7 लाख रुपए देकर मां की हत्या की साजिश रच डाली। अब इस केस में लिव-इन रिलेशनशिप की जानकारी भी सामने है। कहा जा रहा है कि 23 साल की आयुषी शर्मा पिछले एक साल से अपने ताऊ मोहन स्वरूप के बेटे बलराम उर्फ रवि के साथ लिव-इन में रहती थी।
मृतका नीरज शर्मा के भाई राकेश के वकील चंद्रप्रकाश का कहना है कि आयुषी अपने चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहती थी। दोनों के बीच अवैध संबंध होने का संदेह है। एडवोकेट चंद्रप्रकाश का कहना है कि मोहन स्वरूप का बेटा बलराम उर्फ रवि बेरोजगार था। वह नीरज शर्मा की पूरी संपत्ति हड़पना चाहता था। चाचा चाची की हत्या के लिए उसने आयुषी को अपने जाल में फंसाया और उसे मोहरा बनाया। चंद्रप्रकाश का कहना है कि आयुषी पढ़ने में काफी होशियार थी। पहले वे माता पिता का पूरा ख्याल रखती थी लेकिन जब से वह बलराम के जाल में फंसी। तब से उसका व्यवहार बदल गया। वह बात-बात पर लड़ाई झगड़ा करने लगी।
वहीं मामा राकेश शर्मा ने जयपुर के प्रताप नगर में इस मामले को लेकर एक FIR दर्ज करवाई थी। उनका दावा है कि आयुषी ने ही अप्रैल 2025 में अपने चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर इलाज के दौरान विजय शर्मा की फीडिंग पाइप हटाकर उनकी जान लेने की साजिश रची थी। इसके पीछे उन्होंने आयुषी के अनुकंपा वाली सरकारी नौकरी और पारिवारिक संपत्ति को हासिल करने के लालच को वजह बताई है। मां के कत्ल के आरोप में आयुषी पहले से जेल में है। अब पिता की हत्या की जांच भी शुरू हो गई है। विजय शर्मा राजस्थान हाईकोर्ट में कोर्ट मास्टर के पद पर काम करते थे। आयुषी को लगा था पिता की मौत के बाद उनकी सरकारी नौकरी उसे मिल जाएगी. लेकिन नौकरी तो मां को मिल गई।
बता दें कि राजस्थान के जयपुर में 23 साल की युवती आयुषी शर्मा ने अपनी मां को मरवा दिया था। उस पर आरोप है कि संपत्ति हड़पने और अनुकंपा पर सरकारी नौकरी पाने के लिए ने आयुषी ने मां की हत्या के लिए 7 लाख रुपए की सुपारी दी थी। सुपारी किलर ने स्कॉर्पियो से टक्कर मारकर आयुषी की मां नीरज शर्मा को कुचल डाला जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या को एक्सीडेंट का रूप दिया गया लेकिन पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक नीरज शर्मा की पुत्री आयुषी, उसके ताऊ मोहन स्वरूप सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
वहीं आयुषी शर्मा पर अब अपनी मां नीरज शर्मा से पहले पिता विजय शर्मा की मौत में भी भूमिका होने के आरोप लगे हैं। आयुषी के मामा राकेश शर्मा का दावा है, पिछले साल हुई विजय शर्मा की मौत सामान्य नहीं थी। इसकी दोबारा जांच होनी चाहिए। जयपुर ईस्ट डीसीपी रंजीता शर्मा का कहना है कि परिजनों ने शिकायत दी है, जिसकी नीरज शर्मा की हत्या के मुकदमे के साथ ही जांच की जा रही है।