सिया से भी खौफनाक निकली सुनीता, ऑटो वाले के प्यार में पागल पति के किए 3 टुकड़े, 11 महीने बाद खुला राज

केतन की हत्यारन सिया को अभी देश भूला नहीं था कि अब सुनीता की खौफनाक कहानी ने सभी को सन्न कर दिया है। सुनिता नाम की एक महिला ने एक ऑटोवाले से प्यार के चक्कर में अपने पति के 3 टुकड़े कर डाले।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jul 14, 2026, 2:58:00 PM

महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में 20 वर्षीय सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की हत्या कर दी थी। प्रेमी संग मिलकर मंगेतर केतन को लोहगढ़ क‍िले से धक्का दे दिया था। केतन की हत्यारन सिया को अभी देश भूला नहीं था कि अब सुनीता की खौफनाक कहानी ने सभी को सन्न कर दिया है। दरअसल, सुनिता नाम की एक महिला ने एक ऑटोवाले से प्यार के चक्कर में अपने पति के 3 टुकड़े कर डाले। प्रेमी के साथ मिलकर न सिर्फ अपने पति को मौत के घाट उतारा, बल्कि उसके शव के तीन टुकड़े कर दिए। 11 महीने तक दोनों इस राज को छिपाए रहे। 

नवी मुंबई में एक मह‍िला ऑटो चालक से प्‍यार कर बैठी और एक द‍िन प्रेमी के साथ म‍िलकर पत‍ि के तीन टुकड़े कर द‍िए. इतना ही नहीं, 11 महीने तक यह राज छ‍िपाए रखा।  अब पोल खुली। मामला करीब एक साल तक गुमशुदगी की कहानी के पीछे छिपा रहा, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच ने आखिरकार पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी महिला सुनिता अपने पति बलिराम सूर्यनाश कुशवाह और दो बच्चों के साथ ऐरोली के यादव नगर इलाके में रहती थी। इसी दौरान सुनीता की नजदीकियां घणसोली में रहने वाले एक ऑटोचालक राहुल दशरथ प्रजापति से बढ़ गईं। जांच में सामने आया कि जब बलिराम को इस रिश्ते की जानकारी मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया। पति को अपने रास्ते का कांटा बनते देख सुनीता ने प्रेमी राहुल के साथ मिलकर बलिराम को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।

हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए सुनीता ने सबसे पहले अपने दोनों बच्चों को दो दिन के लिए उनकी मौसी के घर भेज दिया।  9 अगस्त 2025 की रात जब बलिराम गहरी नींद में सो रहे थे, तब सुनीता और राहुल ने पहले उनका गला घोंटा और फिर धारदार हथियार से वार कर उनकी जान ले ली। इसके बाद पहचान छिपाने और सबूत मिटाने के लिए शव के तीन हिस्से किए गए। पुलिस के अनुसार, शव के टुकड़ों को अलग-अलग बोरियों और चादर में लपेटकर रात के अंधेरे में ऑटो रिक्शा से ले जाया गया और गवली देव इलाके की झाड़ियों में फेंक दिया गया।

हत्याकांड के बाद सुनीता ने यादव नगर का अपना मकान किराए पर दे दिया और अपने बच्चों के साथ प्रेमी राहुल के घर घणसोली में रहने लगी। जब करीब 8 महीने बाद बलिराम का भाई गांव से उनसे मिलने आया, तो सुनीता ने कहानी गढ़ी कि बलिराम झगड़ा करके घर छोड़कर चले गए हैं। शुरुआत में उसने इस बात पर भरोसा किया, लेकिन समय बीतने के बाद संदेह गहराने लगा। फिर उसने अप्रैल 2026 में रबाले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में बलिराम की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी।

यहीं से पुलिस की जांच ने नया मोड़ लिया। अधिकारियों ने परिवार के लोगों से पूछताछ की, आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए और तकनीकी जांच शुरू की। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि राहुल अलग-अलग नंबरों का इस्तेमाल करने के बावजूद लगातार केवल सुनिता के संपर्क में था। इसी आधार पर पुलिस का शक गहराया और पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। आरोपियों ने अपने पुराने मोबाइल फोन और सिम कार्ड बदल दिए थे ताकि उन तक पहुंचना मुश्किल हो जाए हालांकि, यही उनकी सबसे बड़ी चूक साबित हुई।