न डीजल-न बिजली, भारत में पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू, धुएं की जगह छोड़ेगी सिर्फ पानी, जानिए खासियत

भारत में पहली हाइड्रोजन ट्रेन (Hydrogen Train) की शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को हरियाणा के जींद से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jul 17, 2026, 2:44:00 PM

भारत में पहली हाइड्रोजन ट्रेन  (Hydrogen Train) की शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को हरियाणा के जींद से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। पीएम ने हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर लंबे रूट पर अपनी सेवाएं देगी। हाइड्रोजन ट्रेन की खूबी है कि यह पारंपरिक डीजल की जगह लिक्विड या कम्प्रेस्ड हाइड्रोजन गैस का ईंधन के तौर पर इस्तेमाल करती है। इसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की प्रक्रिया से बिजली बनती है, जिससे सिर्फ पानी की भाप निकलती है और कोई धुआं नहीं होता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जींद से सोनीपत के बीच चलने वाली यह हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है। इसकी क्षमता 3200 हॉर्सपावर है। इसके साथ ही यह परिचालन दूरी के लिहाज से भी दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन सेवाओं में से एक है। 

भारत में पहली हाइड्रोजन ट्रेन में 10 कोच है, जिसमें 2600 यात्री एक साथ सवारी कर सकेंगे। अगले चरण में 34 और हाइड्रोजन ट्रेन देश के विभिन्न हिस्सों में दौड़ती दिखाई देंगी। हाइड्रोजन ट्रेन पूरी तरह भारत में डिजाइन और विकसित की गई है तथा स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। हाइड्रोजन से बिजली उत्पन्न कर यह ट्रेन चलाई जाएगी। धुएं की जगह केवल जलवाष्प निकलेंगे, जिससे शून्य कार्बन उत्सर्जन होगा। ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग से बिजली और डीजल की जरूरत नहीं होगी। 3200 हार्सपावर के साथ यह नमो भारत हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है।

जींद से सोनीपत करीब 89 किलोमीटर के इस रूट पर चलने वाली यह ट्रेन डीजल  या पारंपरिक बिजली की बजाय हाइड्रोजन गैस  से चलती है, जिससे प्रदूषण लगभग शून्य (Zero) रहता है और उत्सर्जन के रूप में सिर्फ पानी निकलता है। इस ट्रेन की अधिकतम स्पीड करीब 110 किमी/घंटा है, जबकि ऑपरेशनल स्पीड लगभग 70–75 किमी/घंटा रहेगी, जिससे यात्रियों को आरामदायक और पर्यावरण अनुकूल सफर मिलेगा। इसमें एडवांस सेफ्टी सिस्टम  लगाए गए हैं, जो किसी भी तरह के गैस लीकेज या तकनीकी गड़बड़ी की तुरंत जानकारी देते हैं।

अगर ट्रेन के किराए की बात करें तो  रिपोर्ट्स के मुताबिक टिकट ₹5 से ₹25 के बीच हो सकता है, जिससे यह ट्रेन सस्ती और सुलभ यात्रा का नया विकल्प बनेगी। दुनिया में हाइड्रोजन ट्रेनों का चलन अभी शुरुआती दौर में है।जर्मनी ऐसी ट्रेन शुरू करने वाला पहला देश था,  जबकि फ्रांस, इटली, चीन और जापान जैसे देशों में भी इस पर काम चल रहा है। लेकिन वहां ऐसी ट्रेनों में सिर्फ दो से चार डिब्बे होते हैं। जींद में देश का सबसे बड़ा रेलवे हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग प्लांट भी बनाया गया है। यहां ट्रेन में हाइड्रोजन भरने की पूरी व्यवस्था है। 

इस ट्रेन में कई बड़ी लिथियम-आयन बैटरी भी लगी होंगी, जिनमें बनने वाली एक्स्ट्रा बिजली को स्टोर किया जा सकेगा। ट्रेन मे हाइड्रोजन गैस भरने के लिए जींद में फ्यूलिंग सेंटर भी बनाया गया है। इस ट्रेन में इंधन भरने के लिए पेट्रोल पंप या सीएनजी स्टेशन की तरह हरियाणा के जींद में देश की सबसे बड़ी रेलवे हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन बनाया गया है। इस हाइड्रोजन प्लांट में बिजली की मदद से पानी से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को अलग किया जाता है। इसके बाद हाइड्रोजन को सुरक्षित टैंकों में स्टोर कर लिया जाता है।