नई दिल्ली : चाय पीनी हो या फिर सब्जी खरीदनी हो, या ऑनलाइन शॉपिंग करना हो.. किसी दोस्त को पैसे भेजने हों या बिजली का बिल भरना हो आजकल तो सब काम मोबाइल से ही हो जाता है। नंबर लिया या दुकानों पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन किया और कुछ ही सेकंड में पेमेंट हो गई। भारत में डिजिटल पेमेंट का ये तरीका अब इतना आम हो चुका है कि कई लोग अपने पास कैश रखना भी बंद कर चुके हैं। यूपीआई की कामयाबी की चर्चा दुनिया भर में हो रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया है कि यूपीआई दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बन चुका है और हर महीने इसके जरिए 24 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा ट्रांजैक्शन हो रहे हैं।
निर्मला सीतारमण ने क्या कहा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ओडिशा के भुवनेश्वर में यूपीआई के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान के उद्घाटन के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि यूपीआई दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बन गया है। इसका मतलब है कि लोग एक खाते से दूसरे खाते में या दुकानदार को तुरंत डिजिटल पेमेंट कर सकते हैं।
UPI से कितना हो रहा है लेनदेन?
यूपीआई की शुरुआत साल 2016 में हुई थी। उस समय डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल आज की तरह आम नहीं था। धीरे-धीरे दुकानदारों से लेकर ग्राहकों तक ने इसे अपनाना शुरू कर दिया। अब छोटे से छोटे भुगतान के लिए भी लोग यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं। सरकार की ओर से अगस्त 2026 में जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में यूपीआई से कुल 24,162 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए। इन ट्रांजैक्शन के जरिए करीब 314 लाख करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ है। जबकि वित्त वर्ष 2016 से 17 में सिर्फ 1.78 करोड़ का ट्रांजैक्शन हुआ था। वहीं, जुलाई 2026 में 2,366 करोड़ का ट्रांजैक्शन हुआ और जुलाई में लेनदेन की रकम 29.88 लाख करोड़ रही। इन आंकड़ों से पता चलता है कि यूपीआई के इस्तेमाल में पिछले कुछ वर्षों में कितनी तेजी आई है।
UPI इतना फेमस क्यों हुआ?
यूपीआई के फेमस होने का एक बड़ा कारण इसका आसान प्रोसेस है। पहले पैसे भेजने के लिए बैंक की डिटेल भरनी पड़ती थी या कैश लेकर जाना होता था। यूपीआई ने इस प्रोसेस को आसान बना दिया है। अब ग्राहक अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन करके पेमेंट कर सकता है। पैसे भेजने के लिए सामने वाले के यूपीआई आईडी या मोबाइल नंबर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी वजह से छोटे कारोबारियों को हर बार खुले पैसे रखने की परेशानी नहीं होती है और पेमेंट सीधा बैंक खाते में पहुंच जाता है।
कितने देशों में चालू है UPI?
यूपीआई अब सिर्फ भारत में ही नहीं है।अब ये 11 देशों में चालू है। इनमें संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, भूटान, श्रीलंका, नेपाल, सिंगापुर, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव का नाम भी शामिल हैं।