अगर घर में किसी का इलाज चल रहा है या आप नियमित रूप से दवा लेते हैं तो 20 मई से पहले दवाएं खरीदकर रख लें वरना मुसीबत में पड़ सकते हैं। बिहार समेत देशभर के दवा कारोबारियों ने 20 मई को हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल के दौरान थोक और खुदरा दोनों प्रकार की दवा दुकानें बंद रहेंगी। ऐसे में इस बंद से बुजुर्ग, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और रोजाना दवा लेने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
दरअसल बिहार समेत देशभर के केमिस्ट संगठनों ने 20 मई को एक दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री और नई दवा नीति के विरोध में यह बंद बुलाया गया है। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन और पटना केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से इस बंद का समर्थन किया है। संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी के बढ़ते कारोबार से पारंपरिक दवा दुकानदारों को भारी नुकसान हो रहा है। साथ ही नई नीतियों से छोटे कारोबारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
दवा कारोबारियों के अनुसार 19 मई की देर रात से ही हड़ताल शुरू हो जाएगी। 20 मई को पूरे दिन बिहार समेत देशभर में मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। इस दौरान थोक मंडी से लेकर मोहल्ले की दवा दुकानों तक सभी जगह दवाइयों की बिक्री प्रभावित रहेगी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि 16 मई से 19 मई तक दवा दुकानदार काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराएंगे। इसके बाद 20 मई को राष्ट्रव्यापी बंद किया जाएगा। साथ ही लोगों से जरूरी दवाइयां पहले से खरीदकर रखने की अपील की है।
बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन तथा पटना केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सोमवार को संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर इस आंदोलन की जानकारी दी। संगठनों के नेताओं ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त निगरानी और नियमों के दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि 19 मई की देर रात से ही दवा दुकानदार हड़ताल पर चले जाएंगे। 20 मई को पूरे दिन बिहार के साथ-साथ देशभर में दवा दुकानें बंद रहेंगी। हालांकि आपातकालीन सेवाओं को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन सामान्य बिक्री पूरी तरह प्रभावित रहेगी।
पटना केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अर्जुन कुमार यादव ने सभी दवा विक्रेताओं से आंदोलन में एकजुट होकर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने बताया कि आंदोलन के तहत 16 मई से 19 मई तक दवा दुकानदार काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद 20 मई को दुकानें बंद रखकर सरकार और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखी जाएंगी। संगठन का दावा है कि इस हड़ताल में बड़ी संख्या में दवा व्यवसायी शामिल होंगे। इस हड़ताल के ऐलान से बुजुर्ग, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और रोजाना दवा लेने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में लोगों से जरूरी दवाइयां पहले से खरीदकर रखने की अपील की है।