अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स की बड़ी छलांग, गुवाहाटी में रिकॉर्ड समय में बना नया टर्मिनल, PM ने किया उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुवाहाटी स्थित लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नवनिर्मित टर्मिनल का उद्घाटन किया। यह परियोजना भारतीय एविएशन सेक्टर में तेज़ी से बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर की मिसाल बनकर सामने आई है, जहां योजना से लेकर संचालन की तैयारी तक का सफर एक साल से भी कम समय में पूरा किया गया।
इस टर्मिनल की परिकल्पना प्रधानमंत्री द्वारा एडवांटेज असम 2.0 के दौरान सामने रखी गई थी। आज उसका उद्घाटन और फरवरी के अंत तक पूर्ण संचालन की तैयारी यह दर्शाती है कि देश में अब बड़े एविएशन प्रोजेक्ट रिकॉर्ड समय में साकार हो रहे हैं। ऑपरेशनल रेडीनेस को लेकर विशेष रणनीति अपनाई गई, जिसमें जर्मनी के म्यूनिख से आए विशेषज्ञों की टीम ने एयरपोर्ट ट्रांसफर और तैयारी कार्यक्रम में सहयोग दिया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि सिस्टम, प्रक्रियाएं, स्टाफ और यात्री प्रबंधन पहले ही दिन से सुचारू और सुरक्षित रूप से काम करें।
बांस और ऑर्किड से सजी पूर्वोत्तर की पहचान
“द बैंबू ऑर्किड्स” थीम पर आधारित यह टर्मिनल असम के प्रसिद्ध कोपौ फूल (फॉक्सटेल ऑर्किड) और पूर्वोत्तर भारत की बांस परंपरा से प्रेरित है। निर्माण में असम के भोलुका बांस और अरुणाचल प्रदेश के अपातानी बांस का उपयोग किया गया है। करीब 140 मीट्रिक टन स्थानीय बांस के इस्तेमाल के साथ यह टर्मिनल प्राकृतिक रोशनी, पारंपरिक शिल्प और आधुनिक वास्तुकला का अनूठा संगम पेश करता है, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विरासत को उजागर करता है।
तेज़ निर्माण, संगठित संचालन
इस टर्मिनल का विकास गुवाहाटी इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने किया है, जबकि इसका संचालन अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के जिम्मे है। परियोजना में डिज़ाइन, मजबूत इंजीनियरिंग, ओआरएटी आधारित तैयारी और समयबद्ध निष्पादन को एकीकृत रूप से लागू किया गया है। उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री ने इसे असम और पूरे पूर्वोत्तर में चल रहे “विकास के उत्सव” का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि एक्ट ईस्ट नीति के तहत असम अब भारत के पूर्वी द्वार के रूप में उभर रहा है और यह टर्मिनल सतत विकास तथा विकसित भारत की दिशा में राज्य की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि गुवाहाटी टर्मिनल यह साबित करता है कि स्थानीय पहचान को बनाए रखते हुए भी वैश्विक स्तर का एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर कम समय में तैयार किया जा सकता है। इससे पूर्वोत्तर में हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी, आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त अनुभव मिलेगा।
डिजी यात्रा आधारित प्रक्रियाओं, स्मार्ट चेक-इन सिस्टम और विशाल यात्री क्षेत्रों से लैस यह टर्मिनल वर्ष 2032 तक 1.31 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है। वित्त वर्ष 2024–25 में गुवाहाटी एयरपोर्ट से करीब 65 लाख यात्रियों ने यात्रा की, जो क्षेत्र में बढ़ती एविएशन मांग को दर्शाता है। वर्तमान में यह देश का 10वां सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है और पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों के लिए एक प्रमुख हब की भूमिका निभा रहा है।
भविष्य की तैयारी
पूरे हवाई अड्डा विकास पर लगभग 5,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिसमें से 1,000 करोड़ रुपये मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) सुविधाओं के लिए रखे गए हैं। इसके साथ प्रस्तावित घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर से व्यापार, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
गुवाहाटी का यह नया टर्मिनल अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के नेतृत्व में देशभर में हो रहे एविएशन विस्तार का हिस्सा है। इसी क्रम में नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन 25 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है, जो भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं में शामिल है। यह सब मिलकर भारत के बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर परिदृश्य को दर्शाता है, जहां गति, पैमाना, डिज़ाइन और ऑपरेशनल तैयारी भविष्य के विकास के नए द्वार खोल रहे हैं।










