सरयू राय के खिलाफ चल रहे ट्रायल में नया मोड़, कोर्ट ने दिया जवाब दाखिल करने का निर्देश

सरयू राय के खिलाफ चल रहे ट्रायल में नया मोड़, कोर्ट ने दिया जवाब दाखिल करने का निर्देश

सरयू राय के खिलाफ चल रहे ट्रायल में नया मोड़, कोर्ट ने दिया जवाब दाखिल करने का निर्देश
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 01, 2026, 2:33:00 PM

रांची की एमपी-एमएलए कोर्ट में गोपनीय सरकारी दस्तावेजों के कथित लीक से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान विधायक सरयू राय को जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। यह आदेश अदालत ने उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी शंभु सिंह को भी मामले में आरोपी बनाए जाने की मांग की गई है।

विशेष अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान न्यायिक पदाधिकारी सार्थक शर्मा ने संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर देते हुए सरयू राय से जवाब दाखिल करने को कहा। यह मामला वर्ष 2022 में दर्ज उस प्राथमिकी से जुड़ा है, जिसे स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन अपर सचिव की शिकायत पर डोरंडा थाने में दर्ज किया गया था। शिकायत में विभागीय गोपनीय अभिलेखों के अनधिकृत रूप से सार्वजनिक होने का आरोप लगाया गया था।

अभियोजन पक्ष का आरोप है कि स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की एक सरकारी संचिका के गोपनीय पन्नों को अवैध तरीके से प्राप्त कर बाहर लाया गया। अदालत पहले ही इस प्रकरण में सरयू राय के खिलाफ दायर शिकायत पर संज्ञान ले चुकी है और मामले की सुनवाई जारी है।

चार्जशीट में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के निजी सचिव आसिफ एकराम समेत छह व्यक्तियों को गवाह बनाया गया है। जांच अधिकारी नागेश श्रीवास्तव ने लंबी जांच के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। जांच रिपोर्ट में कथित आपराधिक साजिश और गोपनीय दस्तावेजों के लीक होने से संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत आरोपों को सही पाया गया है।

मामले की सुनवाई के दौरान अब तक जांच अधिकारी सहित 12 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब सरयू राय ने कुछ विभागीय दस्तावेजों के आधार पर तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि विभाग के लगभग 60 कर्मचारियों को नियमों के विपरीत प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया गया। इसके बाद गोपनीय दस्तावेजों के कथित लीक को लेकर उनके खिलाफ पुलिस मामला दर्ज किया गया था।

फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अगली सुनवाई में संबंधित पक्षों के जवाब और अन्य कानूनी पहलुओं पर सुनवाई होने की संभावना है।