इबोला अलर्ट: रांची एयरपोर्ट पर बनेगा क्वारंटाइन सेंटर, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी

इबोला अलर्ट: रांची एयरपोर्ट पर बनेगा क्वारंटाइन सेंटर, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी

इबोला अलर्ट: रांची एयरपोर्ट पर बनेगा क्वारंटाइन सेंटर, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 29, 2026, 12:51:00 PM

इबोला वायरस को लेकर वैश्विक स्तर पर बढ़ती सतर्कता के बीच झारखंड सरकार ने भी एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने राजधानी रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर विशेष क्वारंटाइन सुविधा विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि विदेश से आने वाले यात्रियों की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके।

अधिकारियों के मुताबिक एयरपोर्ट पर ऐसे यात्रियों की पहचान की जाएगी जिनमें तेज बुखार, उल्टी, अत्यधिक कमजोरी, रक्तस्राव या संक्रमण से जुड़े अन्य लक्षण दिखाई दें। संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें तुरंत अलग रखकर प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की जाएगी। इसके लिए एयरपोर्ट परिसर में चौबीसों घंटे एंबुलेंस उपलब्ध रखने की व्यवस्था की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने इस तैयारी को लेकर एयरपोर्ट प्रशासन, जिला प्रशासन और प्रमुख अस्पतालों के साथ समन्वय बढ़ा दिया है। इसी कड़ी में जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से एयरपोर्ट कर्मियों और संबंधित एजेंसियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें संक्रमण नियंत्रण और आपातकालीन प्रतिक्रिया की जानकारी दी गई।

राज्य सरकार ने इबोला संक्रमण की आशंका को देखते हुए सभी जिलों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। रांची के सदर अस्पताल में चार बेड वाला विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है, जहां संक्रमण नियंत्रण के लिए अलग चिकित्सा व्यवस्था, पीपीई किट और सैनिटाइजेशन संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इसके साथ ही डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को संदिग्ध मरीजों की पहचान, सुरक्षित उपचार और संक्रमण से बचाव के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार रिम्स में भी संक्रामक रोगों से निपटने वाली व्यवस्थाओं को सतर्क मोड में रखा गया है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन की ओर से इबोला के लिए अलग समर्पित वार्ड की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

कोविड-19 महामारी के दौरान मिले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग इस बार शुरुआती स्तर पर ही पूरी सतर्कता बरतना चाहता है, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।