पेपर लीक मामले के कथित एजेंटों की अग्रिम जमानत पर सुनवाई टली, 8 जून को होगी अगली सुनवाई

पेपर लीक मामले के कथित एजेंटों की अग्रिम जमानत पर सुनवाई टली, 8 जून को होगी अगली सुनवाई

पेपर लीक मामले के कथित एजेंटों की अग्रिम जमानत पर सुनवाई टली, 8 जून को होगी अगली सुनवाई
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 02, 2026, 2:08:00 PM

 झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक प्रकरण में नामजद दो आरोपियों, मोनू कुमार और सोनू शर्मा, की अग्रिम जमानत याचिका पर सोमवार को अदालत में सुनवाई हुई। मामला अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत में सूचीबद्ध था, जहां अभियोजन पक्ष ने अपना पक्ष रखने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की। अदालत ने अनुरोध स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 8 जून निर्धारित की है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, मोनू कुमार और सोनू शर्मा को अंतरराज्यीय पेपर लीक नेटवर्क तथा सॉल्वर गैंग से जुड़े एजेंटों के रूप में चिह्नित किया गया है। भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर दर्ज इस मामले में अब तक बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को राहत मिल चुकी है। जानकारी के मुताबिक, 160 से अधिक आरोपी अभ्यर्थियों को विभिन्न चरणों में जमानत दी जा चुकी है, जबकि गिरोह से जुड़े छह प्रमुख आरोपियों को अदालत से जमानत नहीं मिल सकी है।

यह मामला अप्रैल में हुई एक बड़ी पुलिस कार्रवाई के बाद सामने आया था। 11 अप्रैल को पुलिस ने तमाड़ क्षेत्र के रड़गांव में छापेमारी कर 166 लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि वहां कथित तौर पर अभ्यर्थियों को परीक्षा से संबंधित प्रश्न और उनके उत्तर याद कराए जा रहे थे। पुलिस का दावा है कि इस गतिविधि के पीछे सक्रिय पेपर लीक और सॉल्वर नेटवर्क के कई सदस्य मौके पर मौजूद थे।

गिरफ्तार किए गए प्रमुख आरोपियों में कथित गिरोह सरगना से जुड़े अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद के नाम भी शामिल बताए गए हैं। बाद की जांच के दौरान पुलिस ने अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया था।

पुलिस को 11 अप्रैल की रात सूचना मिली थी कि रड़गांव स्थित एक अधूरे निर्माणाधीन भवन में बड़ी संख्या में युवाओं को इकट्ठा किया गया है। सूचना के आधार पर गठित विशेष छापेमारी दल ने देर रात कार्रवाई की। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने भवन के बाहर कई वाहनों को खड़ा पाया। छापेमारी शुरू होते ही कुछ लोग भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को पकड़ लिया।

इस पूरे मामले में तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच जारी है और एजेंसियां कथित पेपर लीक नेटवर्क के अन्य संभावित कड़ियों की भी पड़ताल कर रही हैं।