झारखंड पुलिस मुख्यालय ने जारी की पदोन्नति सूची, 10 आयुधिक अधिकारियों को मिला नया पद

झारखंड पुलिस मुख्यालय ने जारी की पदोन्नति सूची, 10 आयुधिक अधिकारियों को मिला नया पद

झारखंड पुलिस मुख्यालय ने जारी की पदोन्नति सूची, 10 आयुधिक अधिकारियों को मिला नया पद
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 30, 2026, 12:38:00 PM

झारखंड पुलिस मुख्यालय ने विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया के तहत दस आयुधिक अवर निरीक्षकों को उच्च पद पर पदस्थापित करने का आदेश जारी किया है। विभागीय चयन समिति की अनुशंसा के बाद इन अधिकारियों को आयुधिक निरीक्षक (आयुधिक सूबेदार) के पद पर नियमित रूप से प्रोन्नत किया गया है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय की ओर से आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

पदोन्नति आदेश के अनुसार, चयनित अधिकारियों को संशोधित वेतन संरचना के तहत पे-बैंड-II (9300-34800) और ग्रेड पे 4600 के समकक्ष सातवें वेतन आयोग के पे-मैट्रिक्स लेवल-7 का लाभ मिलेगा। पदोन्नति आदेश तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा, जबकि वित्तीय लाभ संबंधित पद पर योगदान की तिथि से प्रदान किया जाएगा।

इन अधिकारियों को मिला प्रमोशन

पदोन्नत किए गए अधिकारियों की सूची इस प्रकार है:

  • सुनील कुमार सिंह : जैप-07, हजारीबाग
  • भरत चंद्र पासवान : सीआईडी, रांची
  • विश्वनाथ तिर्की : जामताड़ा
  • बैजु रजक : पाकुड़
  • रमेश भगत : जैप-03, गोविंदपुर (धनबाद)
  • सरफराज खां : गुमला
  • रविंद्र कुमार : जैप-05, देवघर
  • साधु प्रसाद : जैप-06, जमशेदपुर
  • राजेंद्र टुडू : जैप-09, साहिबगंज
  • सुनिराम मुर्मू : चतरा

  • पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि पदोन्नति प्राप्त करने वाले सभी अधिकारियों को निर्धारित अवधि के भीतर विभागीय तकनीकी प्रशिक्षण पूरा करना होगा। आदेश के मुताबिक, तीन माह के अंदर एक माह का विशेष प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पास करना अनिवार्य रहेगा। निर्धारित शर्त पूरी नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को पूर्व पद पर वापस भेजा जा सकता है।

  • कुछ मामलों में प्रभावित हो सकता है पदोन्नति लाभ

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि भविष्य में सेवा अभिलेखों की समीक्षा, न्यायालय के निर्देश या वरिष्ठता संबंधी किसी निर्णय के आधार पर किसी वरिष्ठ अधिकारी को पदोन्नति दी जाती है, तो वर्तमान में पदोन्नत अधिकारियों की वरिष्ठता में बदलाव संभव है।

इसके अतिरिक्त, जिन अधिकारियों के खिलाफ कोई न्यायिक मामला लंबित है, विभागीय जांच चल रही है अथवा पिछले तीन वर्षों में गंभीर दंडात्मक कार्रवाई की गई है, उन्हें इस पदोन्नति का लाभ नहीं दिया जाएगा। झारखंड पुलिस में हुई इस पदोन्नति को विभागीय ढांचे को मजबूत करने और अनुभवी अधिकारियों को अधिक जिम्मेदारी सौंपने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।