होटवार जेल विवाद में नया ट्विस्ट, रिहा होते ही महिला ने यौन शोषण और गर्भावस्था के आरोपों को बताया निराधार
होटवार जेल विवाद में नया ट्विस्ट, रिहा होते ही महिला ने यौन शोषण और गर्भावस्था के आरोपों को बताया निराधार
रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से जुड़े चर्चित विवाद में उस समय नया मोड़ आ गया, जब मामले की केंद्र में रही महिला कैदी ने जेल से रिहा होने के बाद अपने ऊपर लगाए गए सभी दावों को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद बाहर आई महिला ने कहा कि जेल के भीतर उसके साथ किसी प्रकार का यौन उत्पीड़न नहीं हुआ और वह गर्भवती भी नहीं है।
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया था कि जेल अधीक्षक द्वारा एक महिला बंदी का यौन शोषण किया गया है, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई। आरोप सामने आने के बाद इस मुद्दे ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में व्यापक चर्चा पैदा कर दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया था।
इसके बाद जेल प्रशासन की ओर से जांच प्रक्रिया शुरू की गई। जेल महानिरीक्षक (आईजी) ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की थी। जांच के दौरान संबंधित जेल अधीक्षक से भी स्पष्टीकरण मांगा गया और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
हालांकि, अब जमानत पर बाहर आई महिला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उसने किसी भी व्यक्ति के खिलाफ इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं की थी। उसका कहना है कि कारा परिसर के भीतर उसके साथ कोई अनुचित घटना नहीं हुई और न ही उसने किसी तरह के शोषण का सामना किया। महिला ने यह भी कहा कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ऐसी घटनाओं की संभावना बेहद कम है और उसे स्वयं भी यह जानकारी नहीं है कि इस तरह की बातें बाहर कैसे पहुंचीं।
मामले में महिला की मां ने भी अपनी बेटी के साथ किसी प्रकार की ज्यादती या आपत्तिजनक घटना होने की बात से इनकार किया है। परिवार की ओर से दिए गए इन बयानों के बाद पूरे विवाद को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं और पहले लगाए गए आरोपों की सत्यता पर चर्चा तेज हो गई है।
अब इस प्रकरण में प्रशासनिक जांच और संबंधित एजेंसियों की आगे की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं। महिला और उसके परिवार के ताजा बयानों ने मामले की दिशा बदल दी है, जिससे जांच के निष्कर्षों को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।