गैंगस्टर फहीम खान की प्री-मैच्योर रिलीज पर सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
गैंगस्टर फहीम खान की प्री-मैच्योर रिलीज पर सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
धनबाद के चर्चित गैंगस्टर फहीम खान की संभावित समयपूर्व रिहाई को लेकर कानूनी लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। झारखंड सरकार ने हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें राज्य सरकार को फहीम खान की प्री-मैच्योर रिलीज पर तय अवधि के भीतर विचार करने का निर्देश दिया गया था।
दरअसल, फहीम खान ने अपनी समयपूर्व रिहाई की मांग को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वर्ष 1984 की रिहाई नीति के तहत उसकी पात्रता की समीक्षा की जाए। अदालत ने कहा था कि सजा की अवधि और अन्य संबंधित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए छह महीने के भीतर निर्णय लिया जाए।
हाईकोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिका दायर की है। मामले पर सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ के समक्ष हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों से जवाब दाखिल करने को कहा है और अगली सुनवाई जुलाई में निर्धारित की है।
फहीम खान पिछले दो दशकों से अधिक समय से जेल में बंद है। जानकारी के अनुसार वह अपनी सजा की निर्धारित अवधि पूरी कर चुका है। इसके बावजूद उसकी रिहाई को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया था। सजा पुनरीक्षण बोर्ड ने उसके आवेदन पर राहत देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली।
अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का आगामी रुख तय करेगा कि फहीम खान की समयपूर्व रिहाई पर आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी।