धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस का वार, राकेश सिन्हा बोले-"युवाओं के संघर्ष की जीत"
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस का वार, राकेश सिन्हा बोले-"युवाओं के संघर्ष की जीत"
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने इसे देशभर के छात्रों, युवाओं और उनके परिवारों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही आवाज की बड़ी सफलता बताया। सिन्हा के मुताबिक, परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अव्यवस्था को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच आखिरकार सरकार को जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम उठाना पड़ा।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी लगातार शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए पद छोड़ने की मांग करती रही है। उनका आरोप है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों और पेपर लीक की घटनाओं ने मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करने वाले लाखों अभ्यर्थियों को प्रभावित किया। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने लंबे समय तक इस मुद्दे पर अपेक्षित जवाबदेही तय नहीं की।
राकेश सिन्हा ने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते परीक्षा प्रणाली में सामने आई खामियों पर गंभीरता से कार्रवाई की होती और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित की होती, तो छात्रों और युवाओं को आंदोलन का रास्ता अपनाने की जरूरत नहीं पड़ती। उनके अनुसार, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा केंद्र की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों का परिणाम है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को पर्याप्त नहीं मानती। सिन्हा ने परीक्षा प्रणाली में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की। साथ ही उन्होंने पेपर लीक के पीछे सक्रिय लोगों, शिक्षा क्षेत्र में अनियमित गतिविधियों से जुड़े गिरोहों और उन्हें संरक्षण देने वालों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात कही।
कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने कहा कि देश के युवाओं के सामने रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी कई चुनौतियां लगातार बनी हुई हैं। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार ने युवाओं से रोजगार के अवसर बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन इसके बजाय उन्हें पेपर लीक, बेरोजगारी और भविष्य को लेकर असमंजस जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
सिन्हा ने कहा कि अब केंद्र सरकार को सिर्फ मंत्री बदलने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। परीक्षा संचालन की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, गड़बड़ियों पर तत्काल कार्रवाई करने और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए स्थायी सुधार लागू करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगे भी छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज मजबूती से उठाती रहेगी। राकेश सिन्हा के मुताबिक, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं की ओर से लगातार उठाए गए सवालों और लोकतांत्रिक तरीके से किए गए आंदोलनों के प्रभाव को दर्शाता है। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार कर युवाओं का भरोसा बहाल करने की मांग की।
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