रांची की बिजली व्यवस्था को मिलेगा नया बल, तीन माह में शुरू होंगी तीन अहम परियोजनाएं

रांची की बिजली व्यवस्था को मिलेगा नया बल, तीन माह में शुरू होंगी तीन अहम परियोजनाएं

रांची की बिजली व्यवस्था को मिलेगा नया बल, तीन माह में शुरू होंगी तीन अहम परियोजनाएं
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 02, 2026, 11:49:00 AM

राजधानी रांची और उसके आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को अधिक मजबूत और सुचारु बनाने की दिशा में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। निगम अगले तीन महीनों के भीतर दो नए पावर सब स्टेशन और एक आधुनिक ट्रांसफार्मर मरम्मत केंद्र को संचालन में लाने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के शुरू होने के बाद बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाली तकनीकी परेशानियों से राहत मिलेगी।

कोकर तथा टाटा रोड स्थित जामचुआं में तैयार किए गए नए पावर सब स्टेशनों का निर्माण अंतिम चरण में है। प्रत्येक केंद्र में 5-5 एमवीए क्षमता वाले दो पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं। इनके चालू होने के साथ ही कुल 20 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता बिजली नेटवर्क में जुड़ जाएगी, जिसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को समान रूप से लाभ मिलने की संभावना है।

बिजली विभाग के अनुसार, बढ़ती मांग को देखते हुए इन सब स्टेशनों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद वितरण तंत्र पर दबाव कम होगा और आपूर्ति अधिक संतुलित हो सकेगी।

इन परियोजनाओं का सीधा लाभ कोकर, लालपुर, बरियातू, खोरहाटोली, औद्योगिक क्षेत्र और आसपास के इलाकों में रहने वाले लगभग 40 हजार लोगों तक पहुंचेगा। विभाग का कहना है कि नई क्षमता जुड़ने से बार-बार बिजली बाधित होने, तकनीकी फॉल्ट, ट्रिपिंग और उपकरण संबंधी समस्याओं में कमी आएगी। दोनों सब स्टेशनों पर कुल 7.48 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया गया है और इन्हें तैयार करने में करीब दो वर्ष का समय लगा है।

टाटीसिलवे में तैयार हो रहा आधुनिक ट्रांसफार्मर मरम्मत केंद्र

बिजली ढांचे को मजबूत करने की योजना का तीसरा प्रमुख हिस्सा टाटीसिलवे में विकसित किया जा रहा ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग वर्कशॉप है। इसके शुरू होने से खराब ट्रांसफार्मरों की मरम्मत के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। वर्तमान में इस कार्य के लिए चुटिया स्थित पावर हाउस पर निर्भरता बनी हुई है।

नई सुविधा के संचालन में आने के बाद क्षेत्रीय स्तर पर ही ट्रांसफार्मरों की मरम्मत संभव होगी, जिससे बिजली बहाली की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।

सिल्ली, बुंडू, तमाड़, ओरमांझी, अनगड़ा, टाटीसिलवे, नामकुम, जोन्हा, मुरी और तुपुदाना समेत कई क्षेत्रों के 50 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं को इस वर्कशॉप का लाभ मिलेगा। यहां प्रतिदिन 5 से 6 ट्रांसफार्मरों की मरम्मत की क्षमता विकसित की जा रही है, जिससे खराबी आने पर लंबे इंतजार की स्थिति नहीं बनेगी।

यातायात दबाव भी होगा कम

ट्रांसफार्मरों को मरम्मत के लिए चुटिया तक ले जाने की आवश्यकता कम होने से भारी वाहनों की आवाजाही में भी कमी आएगी। इससे चुटिया रेलवे ओवरब्रिज और आसपास के व्यस्त मार्गों पर लगने वाले जाम में राहत मिलने की उम्मीद है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान बिजली उपकरणों में खराबी की घटनाएं बढ़ जाती हैं, ऐसे में टाटीसिलवे की यह सुविधा त्वरित मरम्मत और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में उपयोगी साबित होगी।

रांची सर्किल के अधीक्षण अभियंता डी.एन. साहु ने बताया कि तीनों परियोजनाओं का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और अगले तीन महीने के भीतर इन्हें जनता के लिए चालू कर दिया जाएगा। उनके अनुसार, ये परियोजनाएं रांची जिले के बिजली ढांचे को नई मजबूती देंगी और उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद, गुणवत्तापूर्ण तथा लगातार बिजली उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।