64 डिसमिल जमीन के सौदे पर बवाल, मालिकाना हक को लेकर दर्ज हुई प्राथमिकी

64 डिसमिल जमीन के सौदे पर बवाल, मालिकाना हक को लेकर दर्ज हुई प्राथमिकी

64 डिसमिल जमीन के सौदे पर बवाल, मालिकाना हक को लेकर दर्ज हुई प्राथमिकी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 01, 2026, 9:48:00 AM

राजधानी रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पुंदाग में एक बड़े भूमि विवाद और कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने विवादित जमीन को अपनी वैध संपत्ति बताकर रियल एस्टेट कंपनी के साथ समझौता किया, जिसके बाद बिल्डर ने परियोजना में भारी निवेश कर दिया। बाद में जांच में पता चला कि संबंधित भूमि वर्षों से न्यायालय में लंबित विवाद का हिस्सा थी।

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, जेम्स कुमार कश्यप ने पुंदाग स्थित लगभग 64 डिसमिल जमीन पर अपना स्वामित्व जताते हुए 19 जनवरी 2019 को ओम शांति डेवलपर्स के साथ विकास संबंधी समझौता किया था। इस भूमि पर ‘राज किशोर रेजिडेंसी’ नामक आवासीय परियोजना विकसित की जानी थी। आरोप है कि समझौते के समय जेम्स कुमार कश्यप ने लिखित रूप से यह आश्वासन दिया था कि जमीन किसी भी कानूनी बाधा या वित्तीय दायित्व से मुक्त है।

शिकायतकर्ता और बिल्डर सुधांशु नारायण वर्मा के अनुसार, परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने रांची नगर निगम से भवन निर्माण का नक्शा स्वीकृत कराया तथा एयरपोर्ट अथॉरिटी से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी प्राप्त कर लिया। इस दौरान परियोजना पर करीब 1.75 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके थे।

हालांकि, अप्रैल 2022 में निर्माण कार्य उस समय रुक गया जब स्थानीय पुलिस ने अदालत के आदेश का हवाला देते हुए साइट पर काम बंद कराने की कार्रवाई की। इसके बाद भूमि से जुड़े दस्तावेजों और कानूनी रिकॉर्ड की जांच की गई, जिसमें सामने आया कि संबंधित जमीन पर वर्ष 2009 से ही दीवानी वाद लंबित था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2017 में इस मामले का फैसला आरोपी के पिता राज किशोर साहू के विरुद्ध आया था। इसके बाद मामला झारखंड हाईकोर्ट में अपील के रूप में विचाराधीन है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भूमि विवाद से जुड़ी यह महत्वपूर्ण जानकारी जानबूझकर छिपाई गई, जिससे बिल्डर को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि स्वामित्व अधिकार स्पष्ट नहीं होने के बावजूद आरोपी ने जुलाई 2020 में रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण (आरआरडीए) के पक्ष में 0.78 डिसमिल भूमि का गिफ्ट डीड भी निष्पादित किया था।

बिल्डर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान भूमि के स्वामित्व, दस्तावेजों की वैधता और कथित धोखाधड़ी से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।