हजारीबाग में जहरीली गैस बनी जानलेवा! महुआ टैंक में उतरे परिवार के तीन लोगों की मौ*त, एक की हालत गंभीर

हजारीबाग में जहरीली गैस बनी जानलेवा! महुआ टैंक में उतरे परिवार के तीन लोगों की मौ*त, एक की हालत गंभीर

हजारीबाग में जहरीली गैस बनी जानलेवा! महुआ टैंक में उतरे परिवार के तीन लोगों की मौ*त, एक की हालत गंभीर
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 27, 2026, 11:18:00 AM

झारखंड के हजारीबाग जिले में अवैध महुआ शराब निर्माण से जुड़ा एक भयावह हादसा सामने आया है। कटकमदाग थाना क्षेत्र के कूद बस्ती में मंगलवार देर रात जहरीली गैस से दम घुटने के कारण एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।

मृतकों में 50 वर्षीय बड़की देवी, उनके देवर महेंद्र साव (45) और पुत्र रवि कुमार (25) शामिल हैं। वहीं परिवार के मुखिया आनंद साव (55) को गंभीर हालत में हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक परिवार लंबे समय से महुआ शराब बनाने के धंधे से जुड़ा था। हाल ही में शराब निर्माण प्रक्रिया के लिए एक नया भूमिगत टैंक तैयार किया गया था, जिसमें महुआ को सड़ाने के लिए रखा गया था। मंगलवार रात इसी टैंक से सामग्री निकालने के दौरान हादसा हुआ।

बताया जा रहा है कि सबसे पहले बड़की देवी टैंक के अंदर उतरीं, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं लौटीं। उनकी चिंता में देवर महेंद्र साव अंदर गए, पर वे भी वापस नहीं आए। इसके बाद रवि कुमार अपनी मां और चाचा को देखने नीचे उतरा, लेकिन वह भी बेहोश हो गया। अंत में आनंद साव जब टैंक में पहुंचे तो वे भी जहरीली गैस की चपेट में आकर अचेत हो गए।

जब लंबे समय तक कोई बाहर नहीं निकला तो आसपास के लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद चारों को टैंक से बाहर निकाला, लेकिन तब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। आनंद साव को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि बंद टैंक के भीतर महुआ सड़ने से घातक गैसें जमा हो गई थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बंद स्थानों में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से घट जाता है और मिथेन जैसी जहरीली गैसें जानलेवा साबित हो सकती हैं। बिना सुरक्षा उपायों के ऐसे टैंकों में उतरना बेहद खतरनाक होता है।

घटना की जानकारी मिलते ही कटकमदाग थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि अवैध शराब निर्माण का यह काम कब से चल रहा था और इसमें अन्य लोगों की भूमिका क्या थी।

बस्ती में इस हादसे के बाद मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण परिवार इस कारोबार से जुड़ा था। अब इस घटना ने इलाके में अवैध शराब निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।