ढोल-नगाड़ों के साथ किन्नर समाज ने दी मां दुर्गा को विदाई, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना
विजयादशमी के अवसर पर धनबाद में किन्नर समाज ने पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां दुर्गा की विदाई और कलश विसर्जन किया।

धनबाद : विजयादशमी के अवसर पर धनबाद में किन्नर समाज ने पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां दुर्गा की विदाई और कलश विसर्जन किया। झारखंड किन्नर कल्याण बोर्ड की सदस्य सुनैना किन्नर अपने पूरे समाज के साथ इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुईं। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच किन्नर समाज के सदस्य झूमते-गाते हुए मां दुर्गा को विदाई देने निकले। पूरे उत्साह और भक्तिभाव के साथ मां दुर्गा एवं कलश का तालाब में विसर्जन किया गया। इस दौरान मां दुर्गा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। विसर्जन के बाद लौटते समय जगह-जगह महिलाओं ने सुनैना किन्नर और उनके समाज के सदस्यों से सिंदूर लगवाया तथा आशीर्वाद लिया। इस दौरान सामाजिक सौहार्द, आपसी प्रेम और धार्मिक आस्था की सुंदर झलक देखने को मिली। किन्नर समाज के सदस्यों ने भी लोगों को आशीर्वाद देते हुए सभी के सुखी और समृद्ध जीवन की कामना की।
झारखंड किन्नर कल्याण बोर्ड की सदस्य सुनैना किन्नर ने कहा कि आज विजयादशमी का पावन दिन है। इस अवसर पर मां दुर्गा की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर उन्हें विदाई दी गई है। उन्होंने मां दुर्गा से पूरे कोयलांचल की जनता के लिए सुख-समृद्धि, शांति और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। सुनैना किन्नर ने कहा कि मां दुर्गा की कृपा सभी पर बनी रहे। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, व्यापारी भाइयों, चिकित्सा कर्मियों, मीडिया कर्मियों और धनबाद की तमाम जनता पर माता रानी अपना आशीर्वाद बनाए रखें। उन्होंने कहा कि समाज में सभी लोग मिल-जुलकर रहें और हर परिवार में सुख, शांति एवं खुशहाली बनी रहे। मां दुर्गा सभी के जीवन से दुखों को दूर कर खुशियां प्रदान करें। इसी मंगलकामना के साथ पूरे श्रद्धाभाव से मां को विदाई दी गई और अगले वर्ष फिर से उनके आगमन की प्रार्थना की गई।
इस अवसर पर मुस्कान किन्नर ने अपनी गुरु दादी सुनैना किन्नर की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे बेहद नेकदिल होने के साथ-साथ एक अच्छी इंसान भी हैं। वह पूरे समाज के सदस्यों का ख्याल रखती हैं और सभी को परिवार की तरह साथ लेकर चलती हैं। हर सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करती हैं। मुस्कान किन्नर ने कहा कि उनकी गुरु दादी सुनैना किन्नर हमेशा समाज के लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। वह चाहती हैं कि किन्नर समाज के लोग भी समाज के हर कार्यक्रम में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं और सम्मान के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनकी गुरु दादी सुनैना किन्नर मां दुर्गा के समान हैं, जो उनके सुख-दुख में हमेशा साथ खड़ी रहती हैं। उनके लिए सुनैना किन्नर केवल गुरु ही नहीं, बल्कि एक मां के समान हैं, जिनसे उन्हें हमेशा स्नेह, सहयोग और मार्गदर्शन मिलता है। मुस्कान किन्नर ने धनबाद की जनता के लिए सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना करते हुए कहा कि मां दुर्गा सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और हर घर में खुशहाली आए।
वहीं, साक्षी किन्नर ने कहा कि धनबाद की जनता बहुत अच्छी है। उन्होंने मां दुर्गा से प्रार्थना की कि शहर के सभी लोगों पर माता रानी का आशीर्वाद हमेशा बना रहे। हर व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आए तथा किसी को भी दुख और परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की विदाई के अवसर पर पूरा किन्नर समाज श्रद्धा और विश्वास के साथ उनके चरणों में नमन करता है। सभी की यही कामना है कि मां दुर्गा अगले वर्ष फिर से आएं और धनबाद सहित पूरे कोयलांचल को खुशियों से भर दें।
धनबाद में किन्नर समाज द्वारा आयोजित मां दुर्गा की विदाई और कलश विसर्जन का यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का भी संदेश देता नजर आया। ढोल-नगाड़ों की धुन पर झूमते-गाते समाज के सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ मां दुर्गा को विदाई दी। वहीं, रास्ते में महिलाओं द्वारा सिंदूर लगाकर आशीर्वाद लेने की परंपरा ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। सुनैना किन्नर के नेतृत्व में किन्नर समाज ने मां दुर्गा से पूरे कोयलांचल में सुख-शांति, समृद्धि, बेहतर स्वास्थ्य और आपसी भाईचारा बनाए रखने की प्रार्थना की। मां दुर्गा की विदाई के साथ ही सभी ने अगले वर्ष उनके पुनः आगमन की कामना की। पूरे आयोजन में भक्ति, प्रेम, सम्मान और सामाजिक सहभागिता की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी।
धनबाद से नीतीश की रिपोर्ट













