श्रावणी मेले से पहले देवघर प्रशासन की बड़ी तैयारी, श्रद्धालुओं के लिए बनेंगे हज़ार से अधिक सुरक्षित लॉकर

श्रावणी मेले से पहले देवघर प्रशासन की बड़ी तैयारी, श्रद्धालुओं के लिए बनेंगे हज़ार से अधिक सुरक्षित लॉकर

श्रावणी मेले से पहले देवघर प्रशासन की बड़ी तैयारी, श्रद्धालुओं के लिए बनेंगे हज़ार से अधिक सुरक्षित लॉकर
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 02, 2026, 3:47:00 PM

विश्वविख्यात श्रावणी मेले के आगाज में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी बाबा बैद्यनाथ धाम में लाखों शिवभक्तों के पहुंचने की संभावना है। संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन की सुविधा मिल सके।

मेले के दौरान कांवरियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए प्रमुख मार्गों का विकास कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को बारिश और तेज धूप से बचाने के लिए विभिन्न स्थानों पर अस्थायी शेड तैयार किए जा रहे हैं। गर्मी को देखते हुए पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी व्यापक स्तर पर की जा रही है।

इस बार प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। मंदिर परिसर के बाहरी क्षेत्र में करीब 1200 से 1300 लॉकर स्थापित किए जा रहे हैं। इन लॉकरों में श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन, पर्स, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य निजी सामान सुरक्षित रख सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे भीड़भाड़ के दौरान सामान खोने या चोरी होने की आशंका कम होगी।

बाबा धाम पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि मेले में भारी भीड़ के कारण कीमती वस्तुओं को संभालना चुनौतीपूर्ण होता है। कई बार मंदिर में प्रवेश से पहले सामान रखने के लिए निजी दुकानों का सहारा लेना पड़ता है, जहां अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ता है। ऐसे में प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही लॉकर सुविधा बड़ी राहत साबित हो सकती है।

लॉकर निर्माण से जुड़े कर्मियों के अनुसार, सभी इकाइयों को मेले के आरंभ से पहले तैयार कर लिया जाएगा ताकि श्रद्धालु पहले दिन से ही इस सेवा का लाभ उठा सकें।

देवघर के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) एवं बाबा बैद्यनाथ मंदिर के प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य केवल सुविधाएं बढ़ाना नहीं, बल्कि मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ सुरक्षा मानकों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियां भी इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। हाल ही में मंदिर की दानपेटी से विदेशी मुद्रा, जिसमें पाकिस्तानी नोट भी शामिल थे, मिलने की घटना और साहिबगंज जिले में एक संदिग्ध आतंकवादी की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा प्रबंधन की समीक्षा की गई है। इसी क्रम में मंदिर परिसर में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश को नियंत्रित करने की योजना बनाई गई है।

प्रशासन के मुताबिक, श्रद्धालुओं को अपने मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान लॉकर में जमा कर मंदिर में प्रवेश करना होगा। इससे सुरक्षा जांच प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और परिसर के भीतर निगरानी व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा।

श्रावणी मेले की तैयारियों के बीच प्रशासन की यह नई पहल सुविधा और सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि यह व्यवस्था मेले के दौरान श्रद्धालुओं के अनुभव को कितना सहज और सुरक्षित बना पाती है।