जमुई मामले पर दिल्ली से लेकर पटना तक तेज हुई सियासत, आमने-सामने भिड़ गए सियासी दल
बिहार के जमुई जिले में सड़क पर जा रहे लड़का-लड़की के साथ दुर्व्यवहार और बदसलूकी करने वाले तीन 'राक्षस' पकड़ लिए गए। घटना का वीडियोआने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।

पटना : बिहार के जमुई जिले में सड़क पर जा रहे लड़का-लड़की के साथ दुर्व्यवहार और बदसलूकी करने वाले तीन 'राक्षस' पकड़ लिए गए। घटना का वीडियोआने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जमुई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले की जानकारी एडीजी सुहिता अनुपम ने साझा की। वहीं दूसरी ओर, इस शर्मनाक घटना का संज्ञान लेते हुए राज्य महिला आयोग ने भी कड़ा रुख अपनाया है और दोषियों के खिलाफ बिना किसी समझौते के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही जमुई मामले को लेकर दिल्ली से पटना तक सियासत तेज हो गई है।
बिहार में कानून का राज है - उमेश कुशवाहा
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने साफतौर पर कहा कि बिहार में कानून का राज है। अपराधी कितना भी बड़ा क्यों न हो, वह पुलिस की कार्रवाई से बच नहीं सकता। घटना में शामिल सभी आरोपियों को जल्द ही पुलिस के शिकंजे में लाया जाएगा। उमेश कुशवाहा ने कहा है कि नीतीश सरकार ऐसे मामलों को लेकर बेहद संवेदनशील है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सत्ता किसी भी दल की हो, बेटियों की सुरक्षा और न्याय से कोई समझौता नहीं होना चाहिए - आदिल हसन
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने कहा कि बिहार सरकार और भाजपा के तमाम जनप्रतिनिधियों से मेरा सीधा सवाल है। जब हमारी बेटियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, तब 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' और 'नारी सम्मान' के नारे आखिर किस काम के हैं? चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे और महिला सम्मान की बातें करना आसान है, लेकिन जब किसी बेटी के साथ अन्याय होता है, तब सरकार की असली जिम्मेदारी सामने आती है। आदिल हसन ने आगे कहा कि बिहार की जनता को भाषण नहीं, जवाब चाहिए। हमारी बेटियों को नारे नहीं, सुरक्षा चाहिए। महिलाओं को दिखावटी सम्मान नहीं, न्याय और कानून का भरोसा चाहिए। आदिल का स्पष्ट सवाल है कि अगर सरकार अपनी बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती, तो महिला सम्मान और बेटी बचाओ जैसे नारों का नैतिक आधार क्या है? सत्ता किसी भी दल की हो, बेटियों की सुरक्षा और न्याय से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। बिहार की जनता हर सरकार और हर जनप्रतिनिधि से जवाबदेही मांगती है।
भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने इसकी निंदा की है
छेड़छाड़ और खुलेआम इस बेशर्मी का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने इसकी निंदा की है। उनका कहना है कि दोषी नहीं बचेंगे। सम्राट सरकार में कोई भी दोषी नहीं बचेगा, पुलिस मामले की जांच कर रही है। वीडियो की सत्यता की जांच हो रही है, उसके बाद निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी।
जमुई मामले पर RJD पार्टी ने कड़ी आपत्ति जतायी है
जमुई मामले (छात्र-छात्रा के साथ कथित बदसलूकी और शिक्षिका दीप्ति रानी से जुड़े मामले) पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पार्टी कड़ी आपत्ति जताई है। राजद ने कहा कि जिन लोगों ने शिक्षिका दीप्ति रानी के साथ दुर्व्यवहार किया, उन पर कार्रवाई करने के बजाय जहानाबाद के जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा पीड़िता से ही स्पष्टीकरण मांगा जाना बेहद शर्मनाक है। पार्टी ने इसे पीड़िता की सुरक्षा और सम्मान पर हमला करार दिया है।
बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है - राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता व सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है। 10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया। उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया। बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे।
राहुल ने कहा -इन लोगों को ऐसी बदतमीज़ी करने का हक किसने दिया?
राहुल गांधी ने लिखा कि इन लोगों को ऐसी बदतमीज़ी करने का हक किसने दिया? यह 'संस्कृति' नहीं है, यह patriarchy है: ये सोच कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है। जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर 'अंधभक्त' ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है। उस वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए और उन अपराधियों पर POCSO के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अबतक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं? बिहार सरकार जवाब दे कि शाम सात बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?










