जमुई की लक्ष्मी भार्गव बनीं मिस राइना हिस्पानो अमेरिकाना इंडिया 2026, 21 साल की उम्र में रचा इतिहास
जमुई की रहने वाली 21 वर्षीय लक्ष्मी भार्गव ने गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित प्रतिष्ठित सौंदर्य प्रतियोगिता मिस राइना हिस्पानोअमेरिकाना इंडिया 2026 में लक्ष्मी ने देश भर की प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए विजेता का खिताब अपने नाम कर लिया है।

जमुई : कहते हैं कि हौसले बुलंद हों तो उम्र और संसाधन आड़े नहीं आते। इसे सच कर दिखाया है जमुई की रहने वाली 21 वर्षीय लक्ष्मी भार्गव ने। गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित प्रतिष्ठित सौंदर्य प्रतियोगिता मिस राइना हिस्पानोअमेरिकाना इंडिया 2026 में लक्ष्मी ने देश भर की प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए विजेता का खिताब अपने नाम कर लिया है।
इस जीत के साथ ही लक्ष्मी को अब अगले वर्ष बोलीविया में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता मिस राइना हिस्पानोअमेरिकाना 2027 में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा।
अहमदाबाद में दिखा जलवा
मिली जानकारी के अनुसार, इस प्रतियोगिता का आयोजन अहमदाबाद के एक निजी होटल में किया गया था, जहां देश के अलग-अलग राज्यों से आई 30 से अधिक फाइनलिस्टों ने हिस्सा लिया था। तीन दिनों तक चले इस ग्रैंड फिनाले में रैंप वॉक, इंट्रोडक्शन राउंड, टैलेंट राउंड और प्रश्नोत्तर जैसे कई कठिन पड़ाव थे। लक्ष्मी ने अपने आत्मविश्वास, बौद्धिक क्षमता और शानदार रैंप प्रेजेंस से जजों का दिल जीत लिया।
फाइनल राउंड में लक्ष्मी से महिला सशक्तिकरण और भारतीय संस्कृति पर सवाल पूछा गया, जिसका उन्होंने बेहद संतुलित और प्रभावशाली जवाब दिया। इसी जवाब ने उन्हें अन्य प्रतिभागियों से अलग कर दिया और क्राउन उनके नाम हो गया।
कौन हैं लक्ष्मी भार्गव ?
लक्ष्मी भार्गव मूल रूप से जमुई शहर की रहने वाली हैं। 21 वर्षीय लक्ष्मी अभी स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं। उनके पिता एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा बेटी के सपनों को उड़ान दी। लक्ष्मी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जमुई से ही प्राप्त की है। बचपन से ही उन्हें मॉडलिंग और फैशन में रुचि थी, जिसे उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से मुकाम तक पहुंचाया।
लक्ष्मी ने बताया कि यह सफर आसान नहीं था। एक छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन परिवार के सहयोग और खुद पर विश्वास ने उन्हें कभी रुकने नहीं दिया।
जमुई में खुशी की लहर
लक्ष्मी की इस ऐतिहासिक जीत की खबर जैसे ही जमुई पहुंची, पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाइयां दीं। जिले के लोगों का कहना है कि लक्ष्मी ने न सिर्फ जमुई बल्कि पूरे बिहार का नाम रोशन किया है।
लक्ष्मी ने अपनी जीत का श्रेय अपने माता-पिता और अपने गुरुओं को दिया है। उन्होंने कहा कि बोलीविया में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए वह अभी से तैयारी शुरू कर देंगी और पूरी कोशिश करेंगी कि भारत का परचम लहराए।
जमुई से हेमंत सक्सेना की रिपोर्ट










