गन्ना किसानों का अनोखे अंदाज में प्रदर्शन, गन्ना और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंच गए इतने किसान
बगहा में गन्ना मूल्य बढ़ोतरी की मांग को लेकर किसानों ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। NH-727 गोरखपुर-बेतिया मुख्य सड़क किनारे बड़ी संख्या में किसान गन्ना और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचे और सरकार समेत चीनी मिलों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।

बगहा में गन्ना मूल्य बढ़ोतरी की मांग को लेकर किसानों ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। NH-727 गोरखपुर-बेतिया मुख्य सड़क किनारे बड़ी संख्या में किसान गन्ना और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचे और सरकार समेत चीनी मिलों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। बिहार के गन्ना किसानों की मांग है कि गन्ने का मूल्य 600 से 650 रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए क्योंकि चीनी की दरें लगातार बढ़ रहीं हैं औऱ ऊपर से अन्नदाता महंगाई की मार झेल रहें हैं।
लिहाजा प्रशासन औऱ सरकार इस पर विचार क़र उचित निर्णय लें। बगहा की सड़कों पर अनूठे अंदाज़ में खड़े ये ट्रैक्टर-ट्रॉली और इनके बीच रखा ये गन्ना पंजाब की तर्ज़ पर किसानों की एकजुटता कों दर्शा रहा है। दरअसल किसानों की मांग गन्ना मूल्य बढ़ोतरी की है, जो उनकी एकजुटता से गवाही दे रहा है, जिसे लेकर आज सड़क किनारे किसानों ने हुंकार भरी है।
बताया जा रहा है कि सीमावर्ती नेपाल और उत्तर प्रदेश की सीमा से लेकर जिले के अलग-अलग इलाकों से सैकड़ों किसान यहां गन्ना और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचे हैं। ईंख काश्तकार संघ, बिहार के बैनर तले किसानों ने धरना-प्रदर्शन कर गन्ने की कीमत बढ़ाने की मांग उठाई है औऱ SDM चांदनी कुमारी कों ज्ञापन सौंपा । किसानों का कहना है कि जिस तरह चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है औऱ महंगाई बढ़ रही है लेकिन गन्ना उत्पादक किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। यही वजह है की किसानों ने गन्ने का मूल्य 600 से 650 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग किया है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार और चीनी मिलों की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को मजबूती से उठाया। ईंख काशतकार संघ बिहार प्रदेश सचिव रामकुमार उर्फ़ छोटे श्रीवास्तव नें कहा है कि गन्ने की खेती में लागत बढ़ रही है ऐसे में अगर फसल का उचित मूल्य नहीं मिला, तो खेती करना किसानों के लिए मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल NH-727 मुख्य सड़क किनारे किसानों का यह प्रदर्शन गन्ने के उचित मूल्य को लेकर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश है। अब देखना होगा कि किसानों की इस मांग पर सरकार और चीनी मिलों की ओर से क्या कदम उठाया जाता है।
बगहा से परवेज आलम की रिपोर्ट










