गोपालगंज: सेप्टिक टैंक हादसे पर प्रशासन सख्त, डीएम ने दिए जांच के आदेश
गोपालगंज क़े कुचायकोट अंचल के सवनही जगदीशपुर में सेप्टिक टैंक की शटरिंग खोलने के दौरान दम घुटने से चार मजदूरों की दर्दनाक मौत के मामले को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है।

गोपालगंज क़े कुचायकोट अंचल के सवनही जगदीशपुर में सेप्टिक टैंक की शटरिंग खोलने के दौरान दम घुटने से चार मजदूरों की दर्दनाक मौत के मामले को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी समीर सौरभ के निर्देश पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी प्रेरणा सिंह ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पूरी स्थिति का जायजा लिया। वही इस मामले में जिलाधिकारी ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि जांच रिपोर्ट आते ही हादसे के जिम्मेदार और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अपर आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, गोपालगंज ने बताया कि यह घटना गैर-प्राकृतिक आपदा के तहत सामूहिक दुर्घटना की श्रेणी में आती है। विभागीय संकल्प संख्या-2901/आ० प्र० (दिनांक 03.10.2008) के तहत मृतकों के आश्रितों को सरकारी अनुदान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान बंटी बैठा उर्फ राकेश, जावेद आलम उर्फ टीपू, उमेश यादव और शबे आलम के रूप में हुई है. घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। गांव में भी शोक का माहौल है.
सेप्टिक टैंक में एक-एक कर उतरे मजदूरों की जहरीली गैस से दम घुटने के कारण मौत हो गई। गोपालगंज में इस तरह का यह कोई पहला हादसा नहीं है, इसके बावजूद पूर्व की घटनाओं से भी कोई सीख नहीं ली गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शटरिंग का काम कराने वाले ठेकेदारों और मकान मालिकों को केवल अपने काम और पैसे से मतलब रहता है, जबकि बिना किसी सुरक्षा उपकरण के जहरीले टैंकों में उतारे जाने वाले गरीब मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं समझी जाती।बरहाल प्रशासनिक जांच के बाद अब देखना यह होगा कि लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और जिम्मेदारों पर क्या सख्त कार्रवाई की जाती है।
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट










