बांग्लादेश: मिर्जा फखरूल इस्लाम आलमगीर बने नये राष्ट्रपति

भारत के पडोसी देश बांग्लादेश से बडी खबर है। यहां बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के प्रत्याशी मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने को राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की है।

भारत के पडोसी देश बांग्लादेश से बडी खबर है। यहां बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के प्रत्याशी मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने को राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की है। आलमगीर ने अपने नजदीकी उम्मीदवार कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद को 88 मतों से हराया। आलमगीर को 255 मत प्राप्त हुए थे।वहीं, बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन के उम्मीदवार कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद को 88 वोट मिले। राष्ट्रपति चुनाव के मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव अधिकारी एएमएम नासिर उद्दीन ने संसद में तीन घंटे तक चली वोटिंग के बाद नतीजे घोषित किए। राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग गुरूवार की शाम पांच बजे समाप्त हुई।

चुनाव अधिकारी एएमएम नासिर उद्दीन ने बताया कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए सभी 349 सांसदों ने तीन पारदर्शी मतपेटियों में अपने वोट डाले। चुनाव के लिए जारी किए गए मतपत्रों में से 343 का इस्तेमाल हुआ जबकि छह मतपत्र का इस्तेमाल नहीं हुआ। 35 साल बाद हुये इस सीधे मुकाबले में आलमगीर ने 255 वोट हासिल किये, जबकि ओली अहमद को 88 वोट मिले। 1991 के बाद पहली बार राष्ट्रपति पद के लिए दो उम्मीदवार आमने-सामने थे। पिछले तीन दशकों में राष्ट्रपति का चुनाव अधिकतर आम सहमति या निर्विरोध होता रहा था। 

उन्होंने जानकारी दी कि इस्तेमाल किए गए सभी 343 मतपत्र वैध माने गए। जबकि राष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1991 की धारा 10 के तहत चार मतपत्र बदले गए। मतपत्रों की वोटिंग और गिनती के दौरान तीन चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग के सचिव मौजूद थे।

ज्ञात हो कि राष्ट्रपति पद का चुनाव पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफे के बाद कराया गया। देश के संविधान के अनुसार पद खाली होने के 90 दिनों के भीतर नया राष्ट्रपति चुना जाना अनिवार्य है। कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में संसद अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद जिम्मेदारी संभाल रहे थे।