राम मंदिर चढ़ावा चोरी जांच का दायरा बढ़ा, लखनऊ तक पहुंची पड़ताल

राम मंदिर चढ़ावा चोरी जांच का दायरा बढ़ा, लखनऊ तक पहुंची पड़ताल

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jul 22, 2026, 2:46:00 PM

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। जांच एजेंसियों ने आरोपितों और उनके परिजनों की आर्थिक गतिविधियों की गहन पड़ताल शुरू कर दी है। इसी क्रम में लखनऊ सहित कई जिलों में पिछले दो वर्षों के दौरान खरीदी गई चल-अचल संपत्तियों का पूरा रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, लखनऊ नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए), आवास विकास परिषद, स्टाम्प विभाग और राजस्व विभाग से जमीन, मकान, फ्लैट, दुकान और अन्य अचल संपत्तियों से जुड़ी जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में खरीदी गई कृषि भूमि का विवरण भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

जांच का दायरा केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है। गोंडा, बस्ती, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ और अयोध्या समेत कई जिलों में भी आरोपितों और उनके परिवार के कुल 54 सदस्यों की संपत्तियों का सत्यापन कराया जा रहा है। इस संबंध में संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों से आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रदीप वर्मा की ओर से जारी निर्देशों के बाद सभी उपजिलाधिकारियों तथा स्टाम्प विभाग के अधिकारियों को संपत्तियों का विस्तृत ब्यौरा जुटाने के लिए पत्र भेजे गए हैं। जांच में आवासीय भवन, प्लॉट, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और कृषि भूमि सहित सभी प्रकार की संपत्तियों को शामिल किया गया है।

यह पूरी कवायद अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) की ओर से भेजे गए अनुरोध के आधार पर शुरू की गई है। पत्र मिलने के बाद लखनऊ प्रशासन ने विभिन्न विभागों से अभिलेख एकत्र करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सभी विभागों से प्राप्त सूचनाओं को संकलित कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे आगे की कार्रवाई के लिए जांच एजेंसियों को सौंपा जाएगा।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि चढ़ावा चोरी से प्राप्त धनराशि का उपयोग बेनामी संपत्तियां खरीदने में किया गया हो सकता है। इसलिए रिकॉर्ड मिलने के बाद न केवल संपत्तियों का विवरण बल्कि उनकी वैधता और खरीद के वित्तीय स्रोतों की भी जांच की जाएगी। फिलहाल संबंधित विभागों की रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।