बिहार क्रिकेट संघ (बीसीए) सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करेगा। यह बात शुक्रवार को बिहार क्रिकेट संघ के कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए बिहार क्रिकेट संघ के गवर्निंग काउंसिल के सदस्य/संयोजक ज्ञानेश्वर गौतम ने कही।
उन्होंने कहा कि बिहार क्रिकेट संघ से संबंधित मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है। इसी मामले में 20 अगस्त को सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला एवं न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन शामिल थे, द्वारा बिहार क्रिकेट संघ के प्रशासन के लिए ओडिशा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह को बीसीए का प्रशासक नियुक्त किया गया है। बीसीए न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह के प्रशासक पद पर नियुक्त होने का स्वागत करता है। बीसीए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रशासक महोदय को उनके निर्देशानुसार पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।
संवाददाता सम्मेलन के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि कुछ समाचार पत्रों में आदित्य वर्मा को याचिकाकर्ता बताया गया है, जो तथ्यात्मक रूप से गलत है। इस वाद में आदित्य वर्मा याचिकाकर्ता नहीं हैं। बीसीए की ओर से बताया गया कि आदित्य वर्मा याचिकाकर्ता बनकर मार्केट में धन उगाही एवं ठगी का कार्य करते हैं। उनके विरुद्ध पटना एवं सारण के विभिन्न थानों में ठगी के शिकार खिलाड़ियों एवं उनके अभिभावकों द्वारा कई मामले दर्ज कराए गए हैं। इन मामलों की जांच बिहार सरकार की सीआईडी द्वारा की जा रही है। कई मामलों में सुपरविजन रिपोर्ट भी जमा की जा चुकी है।
बिहार क्रिकेट संघ सभी खिलाड़ियों एवं उनके अभिभावकों से अपील करता है कि वे इस तरह के व्यक्तित्व वाले व्यक्तियों से सावधान रहें और ऐसे व्यक्तियों के झांसे में न आएं। किसी भी प्रकार की सहायता अथवा शिकायत के लिए बीसीए के अधिकृत पदाधिकारियों से संपर्क करें।