पटना: राज्य में खेल प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के लिए खेल विभाग अब मानव संसाधन को सशक्त करने पर जोर दे रहा है। राज्य में विभिन्न स्तरों पर 1,006 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। इनमें 33 जिला खेल पदाधिकारी, स्टेडियमों के लिए 380 प्रशिक्षक, राजगीर राज्य खेल अकादमी के लिए 48 प्रशिक्षक, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के 301 और बिहार खेल विश्वविद्यालय के 244 पद शामिल हैं।
जिला खेल पदाधिकारियों की नियुक्ति अंतिम चरण में है। वहीं प्रशिक्षकों की नियुक्ति के लिए परीक्षा की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसके अलावा खेल व्यवस्था को सुचारु करने के लिए संविदा पर लिपिकीय कर्मियों की नियुक्ति और प्रतिनियुक्ति के माध्यम से आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी है। नियुक्तियां पूरी होने के बाद जिला स्तर से लेकर राज्य स्तरीय खेल संस्थानों तक प्रशासनिक व्यवस्था और प्रशिक्षण तंत्र को मजबूती मिलेगी।
जिला स्तर पर खेल गतिविधियों को गति देने के लिए 33 जिला खेल पदाधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है। इसके लिए बीपीएससी परीक्षा ले चुका है और अब साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी की जानी है। नियुक्ति के बाद जिलों में खिलाड़ियों की पहचान, खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा। राज्य में तैयार हो रहे इंडोर और आउटडोर स्टेडियमों को केवल खेल आयोजन स्थल नहीं, बल्कि नियमित प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए विभिन्न खेल विधाओं में 380 प्रशिक्षकों की बहाली होगी। इन पदों के लिए बिहार कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से परीक्षा आयोजित की जाएगी।
राजगीर में विकसित हो रही आधुनिक खेल सुविधाओं को मजबूत प्रशिक्षण व्यवस्था से जोड़ने के लिए राज्य खेल अकादमी में 48 प्रशिक्षकों की नियुक्ति होगी। अकादमी में उपलब्ध खेल सुविधाओं के साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलने से खिलाड़ियों को नियमित और वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षण देने में मदद मिलेगी। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के प्रशासनिक और खेल संबंधी कार्यों को मजबूत करने के लिए 301 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। वहीं खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था को संस्थागत मजबूती देने के लिए बिहार खेल विश्वविद्यालय में 244 पदों पर नियुक्ति की कार्रवाई चल रही है। खेल विभाग की विभिन्न इकाइयों में कामकाज को सुचारु रखने के लिए संविदा पर लिपिकीय कर्मियों की नियुक्ति के साथ जरूरत के अनुसार प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भी मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा।
खेल विभाग की मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने की है। राज्य सरकार खेल के पूरे तंत्र को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। जिलों में खेल पदाधिकारियों, स्टेडियमों में प्रशिक्षकों, राजगीर राज्य खेल अकादमी के प्रशिक्षकों के साथ-साथ खेल प्राधिकरण और खेल विश्वविद्यालय में नियुक्तियों से खेल व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। हमारा लक्ष्य है कि खिलाड़ियों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलें, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बिहार का नाम रोशन कर सकें।