भारतीय घरेलू क्रिकेट के नए सीजन दलीप ट्रॉफी 2026-27 का आगाज हो रहा है। दलीप ट्रॉफी 2026-27 की शुरुआत 23 अगस्त को होगी, जिसमें 6 जोनल टीमें हिस्सा लेगी। यहां भारतीय घरेलू क्रिकेट के कुछ बड़े और दिलचस्प खिलाड़ी एक साथ नज़र आएंगे। वैभव सूर्यवंशी की मौजूदगी की वजह से इस बार टूर्नामेंट और भी रोचक होने वाला है। IPL में धमाल मचाने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के बाद अब 15 साल के वैभव सूर्यवंशी अब घरेलू क्रिकेट के इस रेडबॉल टूर्नामेंट में खेलते दिखेंगे। वैभव के सामने रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करने की चुनौती होगी।
दलीप ट्रॉफी 2026-27 का सीजन 6 जोन के साथ फिर से शुरू हो रहा है। नॉर्थ, साउथ, ईस्ट, वेस्ट, सेंट्रल और नॉर्थ ईस्ट की टीमें इस टूर्नामेंट में मौजूद हैं। क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबले बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के मैदानों पर खेले जाएंगे, जबकि फाइनल चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में होगा। 2024-25 में इसे 4 टीमों के फॉर्मेट में खेला गया था, हालांकि टूर्नामेंट लगातार दूसरे सीजन में अपने पारंपरिक इंटर-जोनल फॉर्मेट में खेला जाएगा। यह नॉकआउट फार्मेट में खेला जाएगा, सेंट्रल जोन इस समय डिफेंडिंग चैंपियन है और पिछले साल की रनर-अप साउथ जोन को सेमीफ़ाइनल में सीधे एंट्री मिली है, जबकि बाकी चार टीमें शुरुआती राउंड में मुकाबला करेंगी।
दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी ईस्ट जोन के उप-कप्तान बनाए गए हैं। वैभव की टीम का मुकाबला नॉर्थ ईस्ट जोन से रविवार सुबह 9:30 पर होगा. वैभव की टीम की कमान ईशान किशन के हाथों में है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के रेड-बॉल क्रिकेट की असली परीक्षा होगी, 35 साल के मोहम्मद शमी फिर से टीम इंडिया का दरवाजा खटखटाएंगे और जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी पहली बार नॉर्थ जोन में इतनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराएंगे।
आईपीएल में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड दौरे पर टी20 इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले वैभव सूर्यवंशी अब रेड-बॉल क्रिकेट में अपना जलवा दिखाएंगे। हालांकि रेड-बॉल क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड अभी बहुत प्रभावशाली नहीं हैं. रणजी ट्रॉफी प्लेट लीग के तीन अलग-अलग चरणों में उन्होंने 12 पारियों में 17.25 के एवरेज से रन बनाए हैं. अब दलीप ट्रॉफी वैभव के पास उन आंकड़ों को पीछे छोड़ने का मौका है।
जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज से लौटने के बाद वैभव ने राजस्थान रॉयल्स के तालेगांव स्थित हाई-परफॉर्मेंस सेंटर में दो हफ्ते का रेड-बॉल बूटकैंप किया। जिम्बाब्वे में वैभव ने तीन पारियों में दो अर्धशतक लगाए थे और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' बने थे।
35 साल के हो चुके मोहम्मद शमी भारत के लिए आखिरी टेस्ट 2023 में खेला था और इसके बाद वह लंबे समय तक टेस्ट टीम की चयन चर्चा से बाहर रहे। दलीप ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन उन्हें फिर से सेलेक्टर्स की चर्चा में ला सकता है। खासतौर पर ऐसे समय में जब चोटों के कारण भारत के कई तेज गेंदबाज उपलब्ध नहीं है।
प्रमुख टीमें और कप्तान
सेंट्रल जोन: कप्तान - रजत पाटीदार, उप-कप्तान - रिंकू सिंह
ईस्ट जोन: कप्तान - ईशान किशन, उप-कप्तान - वैभव सूर्यवंशी
साउथ जोन: कप्तान - तिलक वर्मा, उप-कप्तान - रिकी भुई
वेस्ट जोन: कप्तान - ऋतुराज गायकवाड़, उप-कप्तान - शम्स मुलानी
नॉर्थ जोन: कप्तान - कन्हैया वधावन, उप-कप्तान - आयुष बडोनी
नॉर्थ ईस्ट जोन : जोनाथन रोंगसेन (कप्तान), बिश्वरजीत सिंह कोंथौजाम (उप-कप्तान)
दलीप ट्रॉफी का शेड्यूल
क्वार्टर फाइनल: ईस्ट जोन बनाम नॉर्थ ईस्ट जोन, 23 अगस्त से, बेंगलुरु
क्वार्टर फाइनल: नॉर्थ जोन बनाम वेस्ट जोन, 23 अगस्त से, बेंगलुरु पहला सेमीफाइनल: सेंट्रल जोन बनाम TBA, 30 अगस्त से, बेंगलुरु
दूसरा सेमीफाइनल: साउथ जोन बनाम TBA, 30 अगस्त से, बेंगलुरु
फाइनल: 6 सितंबर से, चेन्नई
दलीप ट्रॉफी की टीमें
उत्तर क्षेत्र टीम :
कन्हैया वधावन (कप्तान और विकेटकीपर) (जम्मू और कश्मीर), आयुष बडोनी (उप-कप्तान) (दिल्ली), सनत सांगवान (दिल्ली), यश ढुल (दिल्ली), आयुष डोसेजा (दिल्ली), निशांत सिंधु (हरियाणा), अंशुल कंबोज (हरियाणा), निखिल कश्यप (हरियाणा), क़मरान इकबाल (जम्मू और कश्मीर), अब्दुल समद (जम्मू और कश्मीर), आबिद मुश्ताक (जम्मू और कश्मीर), सुनील कुमार (जम्मू और कश्मीर), युद्धवीर सिंह (जम्मू और कश्मीर), अर्शदीप सिंह (पंजाब), अर्जुन शर्मा (सेवा)। *युद्धवीर सिंह की जगह साहिल लोत्रा को टीम में लिया गया है
मध्य क्षेत्र टीम :
रजत पाटीदार (कप्तान) (मध्य प्रदेश), रिंकू सिंह (उप-कप्तान) (उत्तर प्रदेश), आयुष पांडे (छत्तीसगढ़), सारांश जैन (मध्य प्रदेश), आर्यन पांडे (मध्य प्रदेश), अरशद खान (मध्य प्रदेश), कुणाल सिंह राठौड़ (विकेटकीपर) (राजस्थान), आर्यन जुयाल (विकेटकीपर) (उत्तर प्रदेश), जीशान अंसारी (उत्तर प्रदेश), कुणाल चंदेला (उत्तराखंड), अमन मोखड़े (विदर्भ), यश राठौड़ (विदर्भ), हर्ष दुबे (विदर्भ), यश ठाकुर (विदर्भ), नचिकेत भुते (विदर्भ)।
दक्षिण क्षेत्र टीम :
तिलक वर्मा (कैपेन) (हैदराबाद), रिकी भुई (उप-कप्तान और विकेटकीपर) (आंध्र), एसके रशीद (आंध्र), के साई तेजा (आंध्र), टी विजय (आंध्र), अभिनव तेजराना (गोवा), के हिमतेजा (हैदराबाद), टी त्यागराजन (हैदराबाद), आर स्मरण (कर्नाटक), करुण नायर (कर्नाटक), श्रेयस गोपाल (कर्नाटक), वी. कावेरप्पा (कर्नाटक), एमडी निधिश (केरल), एन जगदीसन (विकेटकीपर) (तमिलनाडु), अमन खान (पांडिचेरी)।
पूर्वी क्षेत्र टीम :
इशान किशन (कप्तान और विकेटकीपर) (झारखंड), वैभव सूर्यवंशी (उप-कप्तान) (बिहार), डेनिश दास (असम), अभिमन्यु ईश्वरन (बंगाल), सुदीप कुमार घरामी (बंगाल), शाहबाज अहमद (बंगाल), सूरज सिंधु जयसवाल (बंगाल), मोहम्मद शमी (बंगाल), मुकेश कुमार (बंगाल), कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर) (झारखंड), शिखर मोहन (झारखंड), अनुकूल रॉय (झारखंड), विराट सिंह (झारखंड), सुभ्रांशु सेनापति (ओडिशा), अभिजीत सरकार (त्रिपुरा)।
पश्चिम क्षेत्र टीम :
रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान) (महाराष्ट्र), शम्स मुलानी (उप-कप्तान) (मुंबई), अतीत शेठ (बड़ौदा), शिवालिक शर्मा (बड़ौदा), जयमीत पटेल (गुजरात), उर्विल पटेल (विकेटकीपर) (गुजरात), सिद्धार्थ देसाई (गुजरात), पृथ्वी शॉ (महाराष्ट्र), मुकेश चौधरी (महाराष्ट्र), शार्दुल ठाकुर (मुंबई), मुशीर खान (मुंबई), तुषार देशपांडे (मुंबई), तनुश कोटियन (मुंबई), हार्विक देसाई (विकेटकीपर) (सौराष्ट्र), जय गोहिल (सौराष्ट्र)।
उत्तर पूर्व क्षेत्र :
जोनाथन रोंगसेन (कप्तान) (नागालैंड), बिश्वोरजीत सिंह कोंथौजाम (उप-कप्तान) (मणिपुर), तेची नेरी (अरुणाचल प्रदेश), प्रियोजीत के (मणिपुर), रोनाल्ड मैतेई (मणिपुर), जोतिन सिंह फ़िरोइजाम (मणिपुर), किशन लिंगदोह (मेघालय), अर्पित सुभाष (विकेटकीपर) (मेघालय), आकाश कुमार चौधरी (मेघालय), जोसेफ लालथनखुमा (मिजोरम), लालरेम्पौइया (मिजोरम), इमलीवाती लेम्तुर (नागालैंड), विनो जी झिमोमी (नागालैंड), रॉबिन लिम्बू (सिक्किम), आशीष थापा (विकेटकीपर) (सिक्किम)।