आरक्षण मामले पर बोले तेजस्वी, आरक्षण से नफरत तो मांझी, चिराग गैर आरक्षित सीटों पर लडे चुनाव

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की भी इंट्री हो गयी है। तेजस्वी यादव ने एनडीए के दो बडे नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों, जीतन राम मांझी और चिराग पासवान को निशाने पर लिया है।

बिहार की राजनीति में इन दिनों हॉट टॉपिक बने आरक्षण मामले पर अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की भी इंट्री हो गयी है। तेजस्वी यादव ने एनडीए के दो बडे नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों, जीतन राम मांझी और चिराग पासवान को निशाने पर लिया है।

रविवार को मीडिया से बातें करते हुए तेजस्वी ने कहा कि दो केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी और चिराग पासवान आरएसएस के निर्देश पर विपरीत दिशाओं में बात कर बीजेपी-आरएसएस के आरक्षण खत्म करने के मूल उद्देश्य से ध्यान भटका आरक्षण सर्मथक जनभावना का आंकलन करना चाहते है। जिनका खुद का स्वतंत्र वजूद नहीं होता वो ऐसे ही बंच ऑफ थॉट्स मानने वालों के निर्देशन में अभिनय करते है।

तेजस्वी ने कहा कि सर्वप्रथम तो आरक्षित कोटे से जीते ये मंत्री संविधान और आरक्षण विरोधियों की गोद में बैठ सत्ता का चरम सुख प्राप्त कर रहे है। इन्हें समाज और वैचारिकी से कोई लेना-देना नहीं है। अगर आरक्षण से इन दोनों को सख़्त नफ़रत है तो ग़ैर आरक्षित सीटों से चुनाव लड़कर देख लें, ज्ञान चक्षु खुल जायेंगे। आरक्षण विरोधी बीजेपी के साथ रहते नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी की पार्टियों की क्या स्पष्ट विचारधारा है, यह कोई नहीं जानता?

उन्होने कहा कि अगर ये पार्टियां आरक्षण समर्थक है तो हमारी सरकार में बिहार में बढ़ाई गयी 𝟔𝟓 % आरक्षण सीमा को संविधान की नौंवी अनुसूची में शामिल क्यों नहीं कराते? ये घोर अवसरवादी और सुविधाभोगी नेता आरक्षण बढ़वायेंगे नहीं, विचारधारा की राजनीति करेंगे नहीं केवल और केवल मंत्री पद, सुरक्षा और बंगला प्राप्त करने के लिए येन केन प्रकारेण सत्ता में बने रहेंगे। मोहन भागवत ने भी पहले आरक्षण समीक्षा की बात की थी, बिहार ने कान पकड़ कर अच्छे से उठक-बैठक करवा दी थी। अब फिर करेंगे तो बिहारी लोग आरएसएस और बीजेपी को  मुर्गा बना देंगे।