पटना : बिहार के पटना जिले के मनेर में पुलिस के साथ कथित मुठभेड़ में तीन लोगों की मौत के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। इस घटना को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव और रोहिणी आचार्य ने बिहार सरकार और पुलिस पर तीखा हमला बोला है। दोनों नेताओं ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए सरकार को निशाने पर लिया है। वहीं, स्थानीय ग्रामीण इस मुठभेड़ को फर्जी बता रहे हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर पोस्ट कर पुलिस और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
तेजस्वी ने लिखा- अपनी जान की जिम्मेदार जनता खुद होगी... मुख्यमंत्री हर जगह बोर्ड लगवा दें
बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने लिखा कि अपनी जान की जिम्मेदार जनता खुद होगी... मुख्यमंत्री हर जगह बोर्ड लगवा दें। तेजस्वी ने आगे लिखा कि बिहार पुलिस आम लोगों को घर में घुसकर गोली मार रही है और बिहार पुलिस को अपराधी गोली मार रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि हत्या के आरोपी और आपराधिक प्रवृत्ति के मुख्यमंत्री बनने के बाद बिहार में भयावह हालात पैदा हो गए हैं।
एनकाउंटर संस्कृति'' बंद होनी चाहिए - रोहिणी आचार्य
उन्होंने आरोप लगाया कि जब अपराधी, पुलिस और मुख्यमंत्री बेलगाम अपराध को लेकर घिरते हैं, तो ध्यान भटकाने के लिए किसी विशेष जाति के लोगों का एनकाउंटर किया जाता है। वहीं, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की पुत्री और सारण लोकसभा क्षेत्र से पिछला लोकसभा चुनाव लड़ चुकीं रोहिणी आचार्य ने भी इस घटना को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने एक्स पर लिखा कि 'एनकाउंटर संस्कृति' बंद होनी चाहिए। रोहिणी ने मनेर में हुई पुलिस मुठभेड़ को बिहार में कानून के राज के दावे पर काला धब्बा बताया। उन्होंने इसे सम्राट सरकार द्वारा जारी पुलिसिया दमन का एक और मामला करार दिया।
रोहिणी ने अपनी पोस्ट के साथ एक कार्टून भी साझा किया है
उन्होंने कहा कि अपराधियों को सजा देने का काम अदालत का है, लेकिन एनकाउंटर करवाकर सरकार संविधान और मानवाधिकारों का खुलेआम उल्लंघन कर रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच आयोग से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त विधि-सम्मत कार्रवाई की मांग की। रोहिणी ने अपनी पोस्ट के साथ एक कार्टून भी साझा किया है। गौरतलब है कि शुक्रवार को मनेर में पुलिस के साथ कथित मुठभेड़ में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे फर्जी मुठभेड़ बताया है।
सोर्स-आईएएनएस