सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक खत्म होने के मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा कोटे के मंत्रियों की हुई बैठक को लेकर सियासत तेज है। सियासी गलियारे में इसे सीएम सम्राट की बीजेपी मंत्रियों के साथ सीक्रेट मीटिंग बताया जा रहा है। इस बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया। अब इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। आरजेडी का तो यहां तक कहना है कि कहीं ना कहीं खिचड़ी तो पक रही है।
आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने सम्राट चौधरी की ‘सीक्रेट मीटिंग’पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि इस बैठक के पीछे कोई बड़ी राजनीतिक वजह हो सकती है और आने वाले दिनों में इसके परिणाम सामने आ सकते हैं। भाई वीरेंद्र के मुताबिक उन्हें ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इस बैठक के बाद कहीं ना कहीं कुछ गुल जरूर खिलेगा।
भाई वीरेंद्र का कहना है कि मंत्रिमंडल में शामिल दूसरे मंत्री भी जानना चाहते होंगे कि आखिर बीजेपी के मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री की अलग से बैठक में क्या चर्चा हुई। राजद विधायकने सवाल उठाया कि अगर बैठक पूरी तरह सामान्य या रूटीन थी, तो उसमें केवल बीजेपी कोटे के मंत्रियों को ही क्यों बुलाया गया? एनडीए के दूसरे सहयोगी दलों के मंत्रियों को इस बैठक से बाहर रखने की वजह क्या थी?
भाई वीरेंद्र के मुताबिक अगर सरकार में सब कुछ सामान्य चल रहा होता तो मुख्यमंत्री सभी मंत्रियों के साथ बैठक करते। उन्होंने कहा कि अलग-अलग दल अपने-अपने मंत्रियों के साथ बैठक करें, यह अपने आप में सवाल खड़े करता है। साथ ही उन्होंने इस बैठक को बड़ी राजनीतिक वजह बताते हुए बड़ा इशारा किया है।
बता दें कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक खत्म होने के बाद बीजेपी के मंत्रियों के साथ हुई अलग बैठक ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंत्रियों के विभागों के कामकाज की समीक्षा की। बैठक खत्म होने के बाद मंत्री केदार गुप्ता ने बताया कि आज बीजेपी कोटे के मंत्रियों के साथ बैठक हुई। आगे आने वाले समय में सभी मंत्रियों के साथ बैठक की जाएगी और उनके विभागों की समीक्षा की जाएगी।