बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड को खाली करने के आदेश पर सियासत तेज हो गई है। राबड़ी देवी ने सीएम सम्राट चौधरी को चुनौती देते हुए कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपना यह मौजूदा बंगला खाली नहीं करेंगी और सरकार चाहे तो फोर्स बुलाकर खाली करवा ले। खुली चुनौती के बाद राबड़ी आवास के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। कल SDPO सचिवालय अनु कुमारी भी राबड़ी देवी से मिली थी। अब राबड़ी देवी को आवास खाली करने के लिए आखिरी अल्टीमेटम दिया गया है। आवास खाली नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को आवास खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है। पटना जिला प्रशासन की तरफ से यह जानकारी दी गई है। ताजा नोटिस के अनुसार राबड़ी देवी को 15 दिनों के भीतर 10 सर्कुलर रोड आवास खाली करना होगा। पटना जिला प्रशासन ने 39 हार्डिंग रोड में शिफ्ट होने के लिए अनुरोध किया है आवास खाली नहीं करने पर 15 दिनों के बाद राबड़ी देवी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। शनिवार को खुली चुनौती के बाद राबड़ी आवास के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सचिवालय अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अनु कुमारी भारी पुलिस बल के साथ राबड़ी देवी के आवास पर पहुंची थी। उन्होंने राबड़ी देवी से बात भी की थी।
शनिवार को 10 सर्कुलर रोड, आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। सचिवालय एसडीपीओ अनु कुमारी भारी पुलिस बल के साथ पहुंची और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती थी। सचिवालय एसडीपीओ राबड़ी देवी के आवास पहुंचीं और उन्होंने उनसे बातचीत की। पुलिस प्रशासन की ओर से सरकारी आदेशों और कानूनी नोटिस का हवाला दिया गया है, जबकि राबड़ी देवी अपने पुराने स्टैंड पर कायम हैं।
इससे पहले गाजियाबाद से पटना लौटने के बाद राबड़ी देवी ने आवास खाली नहीं करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि वह बंगला छोड़ने वाली नहीं हैं। राबड़ी देवी ने सीएम सम्राट चौधरी को चुनौती देते हुए कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपना यह मौजूदा बंगला खाली नहीं करेंगी और सरकार चाहे तो फोर्स बुलाकर खाली करवा ले।
बता दें कि भवन निर्माण विभाग ने हाल ही में राबड़ी देवी को तीसरा नोटिस जारी किया था। विभाग ने आवास जल्द खाली करने का निर्देश दिया है। नोटिस में कहा गया कि यह बंगला अब पशुपालन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया जा चुका है। ऐसे में वर्तमान आवंटन के अनुसार आवास खाली कराया जाना जरूरी है। विभाग का कहना है कि पहले भी दो बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक आवास खाली नहीं किया गया है।