बिहार में सम्राट सरकार ने बहुमत हासिल कर लिया है। हालांकि तेजस्वी यादव और विपक्ष की अन्य पार्टियां इस बहुमत पर सवाल उठा रही है। इसी कड़ी में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने एनडीए सरकार पर करारा प्रहार किया है। साथ ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के चाल, चरित्र और चेहरे पर सवाल उठाया है।
खगड़िया पहुंचे प्रशांत किशोर ने सम्राट सरकार के फ्लोर टेस्ट पास करने को सत्ता और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग बताया। पीके ने कहा-यह लोकप्रियता का बहुमत नहीं बल्कि 10 हजार रुपये में खरीदा गया बहुमत है और आरोप लगाया कि यह सत्ता बैकडोर से हासिल की गई है।
प्रशांत किशोर ने बहुमत पर सवाल उठाते हुए बोले-यह बहुमत 202 विधायकों का समर्थन नहीं बल्कि सत्ता और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग से हासिल किया गया है। उन्होंने दावा किया कि चुनावी और राजनीतिक प्रक्रियाओं का इस्तेमाल कर यह बहुमत तैयार किया गया। जिन लोगों ने इसमें भूमिका निभाई, उन्होंने नीतीश कुमार को हटाकर अपनी पसंद के नेता को मुख्यमंत्री बनाया।
वहीं सीएम सम्राट चौधरी पर हमला बोलते हुए प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री के चाल, चरित्र और चेहरे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी को किसी अदालत ने पूरी तरह बरी नहीं किया है, बल्कि उन्हें केवल नाबालिग होने के कारण राहत मिली थी। पीके ने यह भी कहा कि सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री अपने दम पर नहीं बने हैं, बल्कि उन्हें शीर्ष नेतृत्व के समर्थन से यह जिम्मेदारी मिली है।
बता दें कि खगड़िया पहुंचे प्रशांत किशोर ने जन सुराज पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ 'बिहार नवनिर्माण अभियान' पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार बनने के बाद ही जन सुराज की ओर से यह घोषणा की गई थी कि बिहार में बनी नई सरकार को अपने वादों को पूरा करने के लिए छह महीने का समय दिया जाएगा। इसके बाद 'बिहार नवनिर्माण अभियान' के तहत जन सुराज के कार्यकर्ता घर-घर जाकर जनता के बीच अपनी बात रखेंगे।