'परीक्षा के समय सब्जेक्ट ही बदल जाता है' कृषि मंत्री का छलका दर्द, कहा-'अब विजय सिन्हा नहीं रहा...विजय बिहारी हूं'

बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के एक बयान की खूब चर्चा हो रही है। एक कार्यक्रम में बोलते बोलते विजय सिन्हा का दर्द मंच से छलक पड़ा।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : May 26, 2026, 2:43:00 PM

बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के एक बयान की खूब चर्चा हो रही है। एक कार्यक्रम में बोलते बोलते विजय सिन्हा का दर्द मंच से छलक पड़ा। सोमवार को मुजफ्फरपुर में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सब्जेक्ट बदल जाने और 'पढ़ाने वालों के बेईमान निकलने' वाली बात से नई चर्चा छेड़ दी है। हालांकि उन्होंने सीधे किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान को लोग सत्ता पक्ष के भीतर की हलचल से जोड़कर देखने लगे।

मुजफ्फरपुर में राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र में आयोजित ‘बिहार लीची संगम’ कार्यक्रम में विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि जब भी वे बेईमान लोगों पर कार्रवाई करने की कोशिश करते हैं, तब तक उनका विभाग ही बदल दिया जाता है। उन्होंने मंच से कहा कि पढ़ाई करता हूं तो पढ़ाने वाले लोग ही बेईमान निकलते हैं और जब उन पर कार्रवाई करता हूं तब तक सब्जेक्ट बदल जाता है।

अपने संबोधन में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि मैं पूरी तल्लीनता से पढ़ाई करता हूं, लेकिन परीक्षा देने के समय सब्जेक्ट ही बदल जाता है। फिर भी परीक्षा देने की कोशिश करता हूं। पढ़ाई करता हूं तो पढ़ाने वाले लोग ही बेईमान निकलते हैं और जब उन पर कार्रवाई करता हूं, तब तक सब्जेक्ट बदल जाता है। विजय सिन्हा के इस बयान को हाल के विभागीय फेरबदल और सत्ता पक्ष के भीतर की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

विजय सिन्हा ने कहा कि जब एग्जामिनेशन शुरू हो जाता है तब उसे एग्जामिनेशन को पास करने के लिए पूरी तन्मयता से लग जाते हैं। जो पढ़ाने वाले लोग हैं, वही गड़बड़ करने लगते हैं। उनकी जब पोल खुलने लगती है, तब हम कार्रवाई शुरू करते हैं। उस एक्शन से लोग परेशान होने लगते हैं। आप इसे दुर्भाग्य कहें या सौभाग्य... स्वभाव तो बदलता नहीं है। जैसे मौसम अपने हिसाब से चलता है, मनुष्य का स्वभाव भी उसी हिसाब से रहता है।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आगे कहा कि कुछ लोगों ने सोचा की राजस्व से विजय सिन्हा चले गए तो राहत मिलेगी। हमने कहा कि भैया...अब विजय सिन्हा नहीं रहा...विजय बिहारी है। पूरे बिहार के लोगों की चिंता और समस्याओं के समाधान के लिए, विभाग भले ही बदल गया है, उनकी जमीन सुरक्षित रखने का संकल्प हमने छोड़ा नहीं है। फिलहाल विजय कुमार सिन्हा के बयान ने बिहार की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। कोई इसे विभाग बदलने का दर्द बता रहा है तो कोई प्रशासनिक सिस्टम पर नाराजगी।