भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव की बीजेपी नेताओं से मुलाकात ने बिहार में सियासी हलचल बढ़ा दी है। भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मुलाकात ने राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। नितिन नवीन को जन्मदिन की बधाई के बहाने हुई इस मुलाकात को लेकर कई राजनीतिक संदेश निकाले जा रहे हैं। इस मुलाकात के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे।
भोजपुरी सुपरस्टार और आरजेडी नेता खेसारी लाल यादव ने पटना में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की है। इस दौरान वहां सीएम सम्राट चौधरी भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि खेसारी लाल ने नितिन नवीन से शिष्टाचार मुलाकात की है लेकिन कयासों के दौर भी शुरू हो गए हैं। यह मुलाकात महज शिष्टाचार है या आने वाले बड़े राजनीतिक समीकरणों की शुरुआत, इस पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, खेसारी लाल यादव ने राजद में ही रहने की बात कही है, लेकिन उनके इनकार के बावजूद नए राजनीति के संकेत देता है।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात के बाद खेसारी लाल यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नितिन नवीन बिहार के हैं और देश की सबसे बड़ी पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं। मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। मेरा व्यक्तिगत रिश्ता उनसे पहले से है। मैं किसी पार्टी में आने जाने वाला नहीं हूं। मैं कलाकार हूं, कलाकार रहूंगा। मुझे कलाकार ही रहने दिया जाए। बीजेपी के साथ जाने के सवाल पर खेसारी ने कहा कि मैं आरजेडी के साथ था, हूं और रहूंगा।
इस मुलाकात पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मुस्कुराते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जी का जन्मदिन था। उन्हें बधाई देने आए थे। लेकिन खेसारी लाल यादव को भी पता था कि मीडिया के बहुत सारे कैमरे लगे हुए हैं तो इस बात की चर्चा तो होगी ही। लेकिन चलिए राजनीति है, इससे आगे अभी क्या बोलूं।
राजनीति के जानकारों की मानें तो खेसारी लाल यादव का इस वक्त बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को जन्मदिन की बधाई देना बड़ा संकेत देता है। वह भी तब जब उस समय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी मौजूद थे। हालांकि खेसारी ने इसे केवल शिष्टाचार मुलाकात बताया है। खेसारी लाल चाहे कुछ भी कहें, लेकिन कहते हैं ना कि राजनीति में कोई भी कदम बेवजह नहीं उठाया जाता है। भले ही खेसारी ने इसे केवल शिष्टाचार मुलाकात बताया है, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे बीजेपी की पूर्वांचल और भोजपुरी वोट बैंक को साधने की बड़ी रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में खेसारी लाल यादव ने राजद ज्वाइन किया था। राजद ने छपरा से चुनाव लड़ने का टिकट दिया था, लेकिन उन्हें बीजेपी की उम्मीदवार छोटी कुमारी ने हरा दिया था। खेसारी लाल यादव को 7,600 वोटों से हारना पड़ा था। इसके बाद से वे राजनीति से दूरी बना चुके हैं। चुनाव में हार मिलने के बाद खेसारी लाल यादव ने कहा था कि मेरे लिए राजनीति ठीक नहीं है। अब भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव की बीजेपी नेताओं से मुलाकात ने कई कयासों को जन्म दे दिया है।