जमीनी हालात जानने पटना पहुंचे सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, राहुल गांधी को सौंपेंगे रिपोर्ट

पटना एयरपोर्ट पर शनिवार को कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता इमरान प्रतापगढ़ी पहुंचे तो बाहर निकलते ही मीडिया ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने सीधे तौर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कथित बर्बरता की निंदा की।

पटना एयरपोर्ट पर शनिवार को कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता इमरान प्रतापगढ़ी पहुंचे तो बाहर निकलते ही मीडिया ने उन्हें घेर लिया। उनके साथ इस बार सांसद मनोज राम, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया और NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी भी मौजूद थे। दरअसल ये सभी लोग कांग्रेस की तरफ से बनाई गई फैक्ट फाइंडिंग टीम के सदस्य हैं और बिहार में बीते दिनों छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए यहां आए हैं।

एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए इमरान प्रतापगढ़ी काफी आक्रामक दिखे। उन्होंने सीधे तौर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कथित बर्बरता की निंदा की। उनका कहना था कि जो युवा अपने भविष्य और अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे थे उनके साथ इस तरह की हिंसा करना लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके आदेश पर छात्रों पर बल प्रयोग किया गया और इसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा। उनके शब्दों से साफ लग रहा था कि सत्ता में बैठे लोगों को युवाओं की बात सुननी चाहिए न कि उन्हें डराना चाहिए।

इमरान प्रतापगढ़ी ने बताया कि कांग्रेस ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और इसी वजह से एक टीम बनाकर उसे बिहार के अलग जिलों में भेजा गया है। उनका मकसद सिर्फ बयान देना नहीं है बल्कि जमीन पर जाकर असलियत जानना है। उन्होंने कहा कि सीवान, पूर्णिया, जहानाबाद, भागलपुर, दरभंगा और पटना जैसे जिलों में अलग टीमें भेजी गई हैं। हर टीम वहां के पीड़ित छात्रों से मिलेगी, उनके परिवारों से बात करेगी और स्थानीय अधिकारियों से भी जानकारी लेगी। इसका उद्देश्य ये समझना है कि आंदोलन क्यों शुरू हुआ, प्रशासन ने क्या कदम उठाए और आम छात्रों पर इसका क्या असर पड़ा।

उन्होंने आगे कहा कि ये फैक्ट फाइंडिंग सिर्फ एक रस्म नहीं है। सभी जिलों से रिपोर्ट आने के बाद कांग्रेस एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और उसे पार्टी नेता राहुल गांधी को सौंपा जाएगा। इमरान प्रतापगढ़ी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को यहीं खत्म नहीं होने देगी। इसे संसद के अंदर भी उठाया जाएगा और सड़क पर भी छात्रों के साथ खड़े रहा जाएगा। उनका जोर इस बात पर था कि सरकार को जवाबदेह ठहराया जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो।

इस पूरे दौरे का राजनीतिक महत्व भी कम नहीं है क्योंकि बिहार में छात्र आंदोलन पहले से चर्चा में है और विपक्ष इसे सरकार के खिलाफ एक बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है। इमरान प्रतापगढ़ी का नाम छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय है क्योंकि वो अक्सर युवाओं के मुद्दों को मुखरता से उठाते रहे हैं। इसलिए उनका बिहार आना और मीडिया के सामने आकर बात करना कांग्रेस के लिए एक संदेश भी है कि पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है। मीडिया ने जब सवाल किया कि पप्पू यादव संसद में भगवा कपड़ा पहनकर राम मंदिर के पैसे की चोरी को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं तो इस पर इमरान ने कहा कि ये सवाल बीजेपी से पूछिए, चंदा चोर कौन है।

कुल मिलाकर इस दौरे में इमरान प्रतापगढ़ी एक नेता से ज्यादा ऐसे व्यक्ति के रूप में दिखे जो छात्रों के दर्द को अपनी आवाज देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में युवाओं पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना होगा कि कांग्रेस की ये फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में क्या नया मोड़ आता है और सरकार इस पर क्या जवाब देती है।

पटना से अभिमन्यु की रिपोर्ट