मोकामा विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी है। उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। अब अनंत सिंह को जेल जाना होगा। इस बीच मोकामा विधायक अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के मामले में कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा है-अनंत सिंह को नोटिस भेजा जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की ओर से मिली शिकायत और पत्र की समीक्षा कर रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष अनंत सिंह से पूरे मामले में जवाब तलब करेंगे। नोटिस जारी होने के बाद अनंत सिंह को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय मिलेगा। अनंत सिंह लिखित रूप में या व्यक्तिगत रूप से विधानसभा अध्यक्ष के सामने अपना पक्ष रख सकेंगे। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा-दोनों पक्षों को सुनने और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद ही फैसला लिया जाएगा।
सदस्यता रद्द होगी या बरकरार रहेगी, इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। प्रेम कुमार ने कहा- समय सीमा तय नहीं की जा सकती, पूरी प्रक्रिया के बाद ही फैसला होगा। दरअसल जेडीयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया। इसके बाद अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग भी की गई है।
वहीं दुलारचंद यादव हत्याकांड में कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह की जमानत रद्द कर दी है। साथ ही अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का ऑर्डर दिया गया। दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। इस जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है।