IPS की नौकरी छोड़ने के बाद अब 'लेडी सिंघम' बनेंगी नेता? संजय झा से मिलीं काम्या मिश्रा

पूर्व आईपीएस और ‘लेडी सिंघम’ के नाम से चर्चित काम्या मिश्रा फिर सुर्खियों में है। काम्या मिश्रा की जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा से मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है।

बिहार में अपने तेजतर्रार अंदाज और सख्त फैसलों से पहचान बनाने वाली पूर्व आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा की राजनीति में एंट्री की अटकलें तेज है।  पूर्व आईपीएस और ‘लेडी सिंघम’ के नाम से चर्चित काम्या मिश्रा फिर सुर्खियों में है। काम्या मिश्रा की जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा से मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में  हलचल मचा दी है। दरभंगा ग्रामीण एसपी के तौर पर ‘लेडी सिंघम’ के नाम से चर्चित रहीं काम्या मिश्रा ने बीते अगस्त 2024 में उन्होंने इस्तीफा दिया था, जिसके बाद मार्च 2025 में इस इस्तीफे को मंजूरी मिल गई।   

अब शुक्रवार (6 नवंबर 2026) को काम्या मिश्रा ने पटना में जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से मुलाकात की। काम्या मिश्रा ने संजय झा से पटना स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों ने सोशल मीडिया पर मुलाकात की तस्वीर साझा की। काम्या मिश्रा ने संजय झा के प्रयासों को प्रेरणादायी बताया। संजय झा ने मुलाकात को दीपावली की शुभकामनाओं से जुड़ी शिष्टाचार भेंट बताया। हालांकि तस्वीर सामने आने के बाद जदयू में उनकी संभावित एंट्री को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या लेडी सिंघम भी अब सियासत में कदम रखेंगी? वैसे भी बिहार में आईपीएस अधिकारियों का राजनीति में आना नया नहीं है।  

काम्या मिश्रा 2019 बैच की आईपीएस अधिकारी रही हैं।   22 साल की उम्र में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की थी। करीब छह साल पुलिस सेवा में रहने के बाद 28 वर्ष की उम्र में काम्या ने इस्तीफा दिया था। संजय झा से मुलाकात के राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि काम्या मिश्रा पहले ही राजनीति में आने को लेकर अपनी इच्छा और विचार जाहिर कर चुकी हैं। ऐसे में जेडीयू के शीर्ष नेता से उनकी मुलाकात ने अटकलों को और हवा दे दी है। 

नौकरी छोड़ने के बाद काम्या मिश्रा ने अपने परिवार के कारोबार की जिम्मेदारी संभाल ली। वह फिलहाल जीएम आयरन एंड स्टील कंपनी की डायरेक्टर हैं। उनके परिवार का कारोबार आयरन और स्टील से जुड़ा है। कंपनी स्टील रॉड, टीएमटी बार, एंगल और चैनल जैसे उत्पादों का निर्माण करती है।  फ़िलहाल तो आईपीएस की वर्दी छोड़ने के बाद काम्या ने कॉरपोरेट और कारोबारी दुनिया में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली।

बता दें कि भारतीय पुलिस सेवा के 2019 बैच की अधिकारी रहीं काम्या मिश्रा को शुरुआत में हिमाचल प्रदेश कैडर मिला था, लेकिन बाद में वह अपने पति के बिहार कैडर में होने के कारण बिहार आ गई थीं। अपने सख्त तेवर और अपराधियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने के अंदाज के कारण वह लगातार चर्चा में रहीं। काम्या मिश्रा को सबसे ज्यादा पहचान दरभंगा में ग्रामीण एसपी रहते हुए मिली। अगस्त 2024 में पूर्व मंत्री और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) प्रमुख मुकेश सहनी के पिता जीतनराम सहनी की हत्या ने पूरे बिहार को हिलाकर रख दिया था। लोग उन्हें 'लेडी सिंघम' कहकर बुलाने लगे। अगस्त 2024 में दरभंगा ग्रामीण एसपी के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वह लंबी छुट्टी पर चली गईं। बाद में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया और आईपीएस की नौकरी से उनका नाता समाप्त हो गया। 

काम्या मिश्रा की निजी जिंदगी का भी बिहार से गहरा जुड़ाव है। उनकी शादी साल 2020 में अपने ही बैच के आईपीएस अधिकारी अवधेश कुमार दीक्षित से हुई थी। अवधेश दीक्षित फिलहाल भोजपुर जिले के एसपी के पद पर तैनात हैं। अब बिहार की राजनीति में उनकी एंट्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। एक इंटरव्यू में काम्या मिश्रा ने राजनीति को लेकर खुलकर अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि अगर कोई व्यक्ति नीतिगत स्तर पर बदलाव लाना चाहता है तो उसके लिए राजनीति एक प्रभावी माध्यम हो सकती है। उनका मानना था कि पढ़े-लिखे और योग्य लोगों को राजनीति में आगे आना चाहिए।