बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कंप्यूटर शिक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया। गुरुवार को AI Summit के मंच से सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकारी संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक के साथ चलना होगा। खासकर विधानसभा के स्टाफ का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा-जो कर्मचारी अब तक कंप्यूटर चलाना नहीं जानते हैं, उन्हें प्रशिक्षित किया जाए और फिर भी सक्षम नहीं होने पर उन्हें हटा दिया जाए। वहीं शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार के स्कूलों में जल्द कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य होगी।
सरकारी व्यवस्था को लेकर बड़ा संदेश देते हुए AI Summit में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से आग्रह करते हुए कहा कि जिस तरह विधायकों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, उसी तरह विधानसभा के कर्मचारियों के लिए भी नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए। यदि कोई कर्मचारी विधायक से भी कम कंप्यूटर ज्ञान रखता है, तो ऐसी स्थिति स्वीकार्य नहीं हो सकती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब केवल कंप्यूटर चलाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया की कार्यप्रणाली को समझना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में जनता से सीधा संवाद सोशल मीडिया के माध्यम से भी होता है, इसलिए सरकारी तंत्र को डिजिटल संचार की पूरी समझ होनी चाहिए। सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और उसके दुरुपयोग को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज ऐसे कई डिजिटल टूल उपलब्ध हैं जिनके जरिए बिना किसी वास्तविक जनसमर्थन के भी हजारों की संख्या में एक साथ कमेंट या प्रतिक्रियाएं दिखाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति के बारे में एक बार गलत बात लिख दी जाए कि वह खराब है, तो लाखों लोग बिना सत्यापन किए उस पर विश्वास करने लगते हैं।
वहीं शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार के स्कूलों में जल्द कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य होगी। AI आज के दौर की सबसे जरूरी। वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के लिए AI से जुड़ना जरूरी। शिक्षा मंत्री ने कहा-बिहार शिक्षा का केंद्र रहा है, AI में भी अग्रणी बनेगा। स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा लागू करने की पूरी तैयारी है। शनिवार को हाफ-डे की छुट्टी पर कभी भी नोटिफिकेशन जारी हो सकता है। शिक्षा विभाग जल्द आधिकारिक आदेश जारी करेगा। नई शिक्षा व्यवस्था में तकनीक और डिजिटल लर्निंग पर फोकस होगा।