'बिहार में बाढ़ के नाम पर हजारों करोड़ों का घोटाला' पप्पू यादव खूब गरजे, बोले-तेजस्वी यादव का काम क्या है?

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, लेकिन राहत और बचाव कार्य जिस स्तर पर होना चाहिए, उस स्तर पर नहीं हो रहा है।

 पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, लेकिन राहत और बचाव कार्य जिस स्तर पर होना चाहिए, उस स्तर पर नहीं हो रहा है। पप्पू यादव ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता, भोजन, साफ पानी, दवा, शौचालय और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की। 

पप्पू यादव ने फ्लड फाइटिंग और एंटी-इरोशन के नाम पर वर्षों से खर्च हो रहे हजारों करोड़ रुपये पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ नियंत्रण, किसानों के मुआवजे, कच्चे मकानों और राहत सामग्री के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद बिहार की बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। 

उन्होंने पूरे खर्च और राहत कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए। पप्पू यादव के मुताबिक कई जगह लोगों को पीने का साफ पानी नहीं मिल रहा है, भोजन की गुणवत्ता खराब है और महिलाओं के लिए शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। 

उन्होंने आरोप लगाया कि राहत सामग्री और भोजन के नाम पर वास्तविक खर्च से कई गुना ज्यादा के बिल बनाए जा रहे हैं। पप्पू यादव ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ एक महीने के लिए आपदा विभाग का डायरेक्टर बना दिया जाए। उन्होंने दावा किया कि जब तक बिहार में आपदा की स्थिति है, एक महीने की जिम्मेदारी मिलने पर वह बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान कर देंगे। 

उन्होंने कहा कि हर बाढ़ प्रभावित परिवार को 25 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। जिन लोगों के कच्चे मकान बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उनके लिए पक्का मकान बनवाया जाएगा। इसके अलावा प्रभावित लोगों को अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने का दावा किया। 

पप्पू यादव ने अपने बयान में विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने बिना नाम लिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि विपक्ष के नेता का काम क्या है। उन्होंने कहा कि अगर सत्ता पक्ष के नेता बाढ़ प्रभावित इलाकों में नहीं पहुंच रहे हैं तो विपक्ष के नेताओं की भी जिम्मेदारी है कि वे जनता के बीच जाएं और उनकी परेशानियों को देखें। 

उन्होंने राघोपुर और दूसरे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को केवल बयान देने के बजाय जमीनी स्तर पर जनता के बीच मौजूद रहना चाहिए। पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि विपक्ष का काम सिर्फ सरकार पर आरोप लगाना नहीं है, बल्कि संकट की घड़ी में जनता के साथ खड़ा होना भी है। 

उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विपक्षी नेताओं और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए कहा कि फोटो सेशन या कुछ देर के दौरे से जनता की समस्या का समाधान नहीं होगा। पप्पू यादव ने सरकार और विपक्ष दोनों से बाढ़ पीड़ितों के बीच जाकर काम करने की मांग की। 

उन्होंने कहा कि बिहार की बाढ़ को केवल प्राकृतिक आपदा मानकर छोड़ना पर्याप्त नहीं है। नदियों के प्रबंधन, जल निकासी, एंटी-इरोशन और फ्लड फाइटिंग की स्थायी व्यवस्था के साथ राहत कार्यों में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने बाढ़ राहत में कथित भ्रष्टाचार की जांच और प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की।

पटना से सिद्धि की रिपोर्ट